वाराणसी, जेएनएन। विश्व हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक पर एक नेपाली युवक का सिर मुंडन करते हुए उसका वीडियो वायरल करना गुरुवार को महंगा पड़ गया। उनके विरुद्ध भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जब यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो भेलूपुर पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मुकदमा दायर कर लिया है।

बताया जाता है कि नेपाली प्रधानमंत्री केपी ओली के उस बयान के बाद जिसमें उन्होंने भगवान राम को नेपाली और अयोध्या को नेपाल में बताया था, विश्व हिंदू सेना ने एक पोस्टर जारी किया था। उक्त पोस्टर में हिंदू सेना ने यह चेतावनी दी है कि नेपाली प्रधानमंत्री अपने बयान को वापस लेते हुए माफी मांगें नहीं तो भारत में नेपालियों को गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक ने स्वयं गुरुवार को अपने फेसबुक पर नेपाली युवक के मुड़े हुए सिर और उसपर श्रीराम लिखी वीडियो डाल दी। आरोप है कि पाठक ने असि घाट पर उक्त नेपाली युवक को पकड़ कर उसका मुंडन करवाया और उसके सिर में जय श्रीराम लिख दिया। आरोप यह भी है कि उक्त युवक से ओली मुर्दाबाद और जय श्रीराम के नारे लगवाए गए। इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टर गंगा घाटों समेत नेपाली मंदिर पशुपतिनाथ के दीवारों पर चस्पा किया गया

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली के भगवान श्रीराम को लेकर दिए गए बयान बाद पूरे भारत में रोष देखने को मिल रहा है। वाराणसी में विवादित पोस्टर विश्व हिंदू सेना ने जारी किया है। पोस्टर गंगा घाटों समेत नेपाली मंदिर पशुपतिनाथ के दीवारों पर चस्पा किया गया है। पोस्टर में लिखा गया है कि नेपाली पीएम ओली अपने बयान को वापस लें वरना गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस पोस्टर में वाराणसी में रहने वाले नेपाली नागरिकों के लिए भी परिणाम भुगतने की बात कही गई है। विश्व हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने यह पोस्टर बनारस में अलग-अलग स्थानों पर चस्पा किया है, लेकिन सबसे ज्यादा यह पोस्टर नेपाली मंदिर के बाहर चस्पा किया गया है।

Edited By: Saurabh Chakravarty