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    Gyanvapi Case: अखिलेश, ओवैसी के खिलाफ याचिका पर 4 सितंबर को सुनवाई, दोनों पर भावनाएं आहत करने का आरोप

    By Jagran NewsEdited By: Siddharth Chaurasiya
    Updated: Wed, 16 Aug 2023 09:32 PM (IST)

    ज्ञानवापी प्रकरण में बुधवार को दो मामलों की अलग-अलग अदालतों में सुनवाई हुई। ज्ञानवापी के वुजूखाने में गंदगी करने और वहां मिले शिवलिंग को लेकर दिए अपने बयान से हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के आरोप में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर लंबित पुनरीक्षण याचिका पर अपर जिला जज (नवम) की अदालत में सुनवाई हुई।

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    ज्ञानवापी प्रकरण में बुधवार को दो मामलों की अलग-अलग अदालतों में सुनवाई हुई। (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। ज्ञानवापी प्रकरण में बुधवार को दो मामलों की अलग-अलग अदालतों में सुनवाई हुई। ज्ञानवापी के वुजूखाने में गंदगी करने और वहां मिले शिवलिंग को लेकर दिए अपने बयान से हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के आरोप में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर लंबित पुनरीक्षण याचिका पर अपर जिला जज (नवम) विनोद कुमार की अदालत में सुनवाई हुई।

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    चार सितंबर को होगी अगली सुनवाई

    अगली सुनवाई चार सितंबर को होगी। वकील हरिशंकर पांडेय ने अखिलेश, ओवैसी समेत अन्य के खिलाफ एसीजेएम पंचम (एमपी-एमएलए) की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। अदालत ने 14 फरवरी को सुनवाई योग्य न मानते हुए प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। हरिशंकर पांडेय ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी, जिस पर अपर जिला जज (नवम) की अदालत में सुनवाई चल रही है।

    अदालत से एक और वाद चलाने की अनुमति

    अदालत ने ज्ञानवापी को लेकर दायर एक और वाद चलाने की अनुमति अदालत ने दे दी है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शिखा यादव ने संचय कुमार, नवीन कुमार व अन्य की ओर से 28 जुलाई को दायर प्रार्थना पत्र बुधवार को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया है।

    बुधवार को सुनवाई के दौरान प्रतिवादी काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को छोड़ अन्य कोई उपस्थित नहीं हुआ। वाद में ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग और मां शृंगार गौरी सहित प्रत्यक्ष-परोक्ष देवी-देवताओं के नित्य दर्शन-पूजन, राग-भोग आदि की अनुमति देने और वहां उपस्थित साक्ष्यों को संरक्षित करने की मांग की गई है। अदालत ने वाद को सुनवाई योग्य मानते हुए अगली सुनवाई के लिए 23 अगस्त की तारीख दी है।