Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में उर्स व अन्य धार्मिक कार्य करने की मांग की सुनवाई टली, सुरक्षा का रहा खास इंतजाम
अदालत रिक्त होने की वजह से ज्ञानवापी परिसर में कब्रों का जिक्र करते हुए उर्स एवं अन्य धार्मिक कार्य करने की मांग को लेकर लोहता निवासी मुख्तार अहमद अंसारी के लंबित वाद की सुनवाई टल गई। सुनवाई के लिए अगली तिथि 25 अगस्त तय की गई है। इस मामले में पक्षकारों का जवाब दाखिल करने का अवसर समाप्त करने की मांग वादी पक्ष की ओर से की गई है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। अदालत रिक्त होने की वजह से ज्ञानवापी परिसर में कब्रों का जिक्र करते हुए उर्स एवं अन्य धार्मिक कार्य करने की मांग को लेकर लोहता निवासी मुख्तार अहमद अंसारी के लंबित वाद की सुनवाई टल गई। सुनवाई के लिए अगली तिथि 25 अगस्त तय की गई है।
इस मामले में पक्षकारों का जवाब दाखिल करने का अवसर समाप्त करने की मांग वादी पक्ष की ओर से की गई है। सिविल जज (सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक) कोर्ट में दाखिल मुकदमे में लखनऊ निवासी रंजना अग्निहोत्री, आशीष तिवारी, आशीष कुमार शुक्ला, वाराणसी निवासी पवन कुमार पाठक, राम कुमार जायसवाल ने उक्त वाद में पक्षकार बनाए जाने की अदालत से अपील की थी। इसे अदालत ने स्वीकार किया था।
एएसआई सर्वे आठवें दिन भी जारी रहा
ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे आठवें दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। विशेषज्ञों ने विभिन्न जगहों पर पहुंचकर सुबह से लेकर शाम तक दो पालियों में जांच की। सर्वे और शुक्रवार को होने वाली नमाज को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा का जबरदस्त इंतजाम रहा। पुलिस अधिकारी लगातार चक्रमण करते रहे। एएसआई सर्वे टीम सुबह आठ बजे ज्ञानवापी पहुंची। थोड़े वक्त तक विचार-विमर्श के बाद पहले से तय स्थान पर सर्वे शुरू किया।
सुरक्षा का रहा खास इंतजाम
हर रोज की तरह दोपहर 12.30 बजे नमाज के लिए सर्वे रोका गया। नमाज के बाद 2.30 बजे फिर से शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चला। नमाज के लिए अन्य दिनों की अपेक्षा बड़ी संख्या में लोग ज्ञानवापी पहुंचे थे। इस दौरान सुरक्षा के लिए आएएफ, पीएसी के साथ तीन थानों की पुलिस भी मौजूद रही। नमाजियों व काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को जाने वाले दर्शनार्थियों को वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी अलग-अलग रास्तों से भेज रहे थे। किसी को भीड़ लगाने नहीं दिया जा रहा था। नमाज पढ़कर लौटने वालों को वहां से आगे बढ़ा दिया जा रहा था। ज्वांइट पुलिस कमिश्नर के डा. एजिलरसन सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने ज्ञानवापी पहुंचे थे।
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