जागरण संवाददाता, वाराणसी : कुलाधिपति सह राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि दुनिया में भारत की संस्कृति व देवभाषा संस्कृत का महत्व तेजी से बढ़ा है। संस्कृत एवं योग का रिश्ता किसी से छिपा नहीं है। संस्कृत के प्रति महिलाओं का तेजी से रुझान बढ़ा है। प्रदेश के सभी विवि पटरी पर आ गए हैं। शैक्षिक कैलेंडर ठीक हो गया है, लेकिन प्रतिस्पद्र्धा के दौर में शैक्षणिक गुणवत्ता व अनुसंधान पर और काम होना चाहिए। श्री नाईक रविवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग की महत्ता के बारे में दुनिया को बताया। देश तेजी से बदल रहा। महाकुंभ तक की चर्चा विश्व में हो रही। महिला सशक्तीकरण भी दिखने लगा है। राजनीति, ब्यूरोक्रेसी, सेना और कारोबार समेत तमाम क्षेत्र अब इनसे अछूते नहीं हैं।

राज्यपाल ने कहा कि हम एकाउंटेंसी के विद्यार्थी रहे हैं। इसलिए आंकड़ों में उलझे रहते हैं, यानी उसे ज्यादा तवज्जो देते हैं। जानकारी के बाद पता चला कि संस्कृत विवि के दीक्षांत समारोह में 28 हजार 394 छात्रों को उपाधि दी गई। इसमें सर्वाधिक 14 हजार 641 लड़कियां हैं। लड़कों की संख्या 13 हजार 753 है। आंकड़े बता रहे हैं कि लड़कियों का रुझान संस्कृत के प्रति तेजी के साथ बढ़ा है। हालांकि, पदक पाने के मामले में लड़के आगे रहे। कुल 57 पदकों में से 49 लड़कों ने झटके।

- स्वामी सुबोधानंद को नौ मेडल

दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने अपने हाथों से 33 मेधावियों को मेडल दिए। स्वामी सुबोधानंद को नौ मेडल मिले। अमेरिका के एलियट हांकर को संस्कृत प्रमाणपत्रीय परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने पर काशीराज कांस्य पदक प्रदान किया गया। इसमें सुश्री निधि वाजपेयी समेत छह लड़कियां भी शामिल रहीं।

- स्किल इंडिया से जुड़े संस्कृत

मुख्य अतिथि और सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, गुजरात के कुलपति प्रो. अर्कनाथ चौधरी ने भी देवभाषा संस्कृत के महत्व को सामने रखा। संस्कृत को आगे बढ़ाने के लिए इसे स्किल इंडिया से भी जोड़ने की वकालत की। स्वागत संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दुबे ने और संचालन प्रो. प्रभाष द्विवेदी व राम किशोर त्रिपाठी ने किया। काशी विद्यापीठ के कुलपति डा. पृथ्वीश नाग, केंद्रीय तिब्बती उच्च शिक्षण संस्थान के निदेशक प्रो. नवांग समतेन समेत दर्जनों गणमान्य लोग दीक्षांत समारोह में मौजूद रहे।

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यूपीकोका से अपराध पर अंकुश

प्रदेश में यूपीकोका लाने से अपराध में कमी आएगी। महाराष्ट्र में संगठित अपराध पर अंकुश के लिए कानून लाया गया था, उससे अपराध में बहुत कमी आई है। यह कहना है राज्यपाल राम नाईक का। संस्कृत विवि के दीक्षांत समारोह के बाद रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। पिछली सरकार में भी यह बात होती थी। वर्तमान सीएम योगी आदित्य नाथ इस संदर्भ में गंभीरता से विचार कर रहे हैं। अपराध करने वाले लोगों पर शिकंजा कसना जरूरी है। यूपी में ऐसे कानून की जरूरत है। इसीलिए सरकार नया कानून ला रही है। तीन तलाक के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि इस पर पर कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है। मेरा मानना है कि बहुमत से जो कानून बनता है उसे सबको मानना चाहिए। यह महिलाओं को न्याय दिलाने वाला विषय है। यह मेरी निजी राय है। अंतिम निर्णय संसद करेगी।

Posted By: Jagran