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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुगलसराय में पकड़ा गया 1.16 करोड़ का सोना

By amal chowdhuryEdited By:
Published: Mon, 07 Aug 2017 08:30 AM (IST)

लंबे समय से बांग्लादेश से सोना भारत के विभिन्न स्थानों पर सप्लाई होता था, इसमें कोलकाता और दिल्ली के कई बड़े कारोबारी जुड़े हैं।

मुगलसराय में पकड़ा गया 1.16 करोड़ का सोना
मुगलसराय में पकड़ा गया 1.16 करोड़ का सोना

वाराणसी (जागरण संवाददाता)। डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआइ) के अधिकारियों ने शुक्रवार को मुगलसराय स्टेशन के बाहर दो संदिग्ध लोगों को रोक कर चेक किया। उनके पास कोई आपत्तिजनक सामान न मिलने पर उनकी बेल्ट उतारी तो टीम की आंखें खुली रह गईं।

उनके कब्जे से चार किलो से अधिक 24 कैरेट सोना बरामद किया गया जिसकी कीमत 1.16 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। प्रारंभिक पूछताछ में डीआरआइ को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। लंबे समय से बांग्लादेश से सोना भारत के विभिन्न स्थानों पर सप्लाई होता था। इसमें कोलकाता और दिल्ली के कई बड़े कारोबारी जुड़े हैं।

वरिष्ठ सूचना अधिकारी आनंद राय को सूचना मिली थी कि कई किलो सोना लेकर तस्कर मुगलसराय स्टेशन पर आने वाले हैं। इस पर टीम के साथ घेराबंदी की गई। सटीक सूचना पर पहाड़गंज नई दिल्ली निवासी दिपेश खंडेलवाल और उन्नाव निवासी रविशंकर को पकड़कर चेक किया गया तो सोना बरामद हुआ। दोनों ने बताया कि वो सिर्फ कैरियर हैं। इस खेल के असली खिलाड़ी दिल्ली और कोलकाता में बैठे बड़े व्यापारी हैं।

राजधानी, दूरंतो समेत सुपरफास्ट ट्रेनों से वह चलते हैं लेकिन रास्ते में कहीं भी उतर जाते हैं। इसके बाद दूूसरी ट्रेन या एसी बस से सफर करते हैं। शुक्रवार को वह राजधानी एक्सप्रेस से आए थे। टिकट कानपुर तक का था लेकिन मुगलसराय में ही उतर गए।

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बड़े कारोबारी निशाने पर: डीआरआइ को शुरुआती जांच में दिल्ली व कोलकाता के बुलियन व्यापारियों की गठजोड़ का पता चला है। हर माह यह करोड़ों का सोना मंगाते थे। बांग्लादेश में सोना मंगाने के बाद वहां से सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के रास्ते देश के विभिन्न शहरों को भेजा जाता है। सूत्रों के अनुसार गिरोह को पश्चिम बंगाल के कई राजनेताओं व सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त है। गिरोह से जुड़े दूसरे तस्करों, कैरियरों और व्यापारियों की तलाश में छापेमारी का सिलसिला जारी है।

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