विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसटीएस तथा एटीएस की गिरफ्त में बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह सहित तीन

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 06 Aug 2017 11:30 AM (IST)Updated: Mon, 07 Aug 2017 08:00 AM (IST)

देवबंद से गिरफ्तार संदिग्धों में एक बांग्लादेश का आतंकी है। अंसारुल बांग्ला टीम से जुड़ा अब्दुल्ला अभी मुजफ्फरनगर के चरथावल के कुटेसरा में रह रहा था।

एसटीएस तथा एटीएस की गिरफ्त में बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह सहित तीन
एसटीएस तथा एटीएस की गिरफ्त में बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह सहित तीन

सहारनपुर (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश एसटीएफ व एटीएस ने आज संयुक्त अभियान में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। देवबंद से गिरफ्तार इन संदिग्धों में एक बांग्लादेशी आतंकी भी है। दहशतगर्द बांग्लादेश का है और वहां के आतंकी संगठन ‘अन्सारुल्ला बांग्ला टीम’ से जुड़ा है। यह संगठन 'अलकायदा' से प्रेरित है। संदिग्ध आतंकी के पास फर्जी पासपोर्ट और आधार कार्ड के अलावा कई दस्तावेज मिले हैं।

एसटीएफ व एटीएस अब इनके बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करने में लगी हैं। देवबंद से गिरफ्तार संदिग्धों में एक बांग्लादेश का आतंकी है। अंसारुल बांग्ला टीम से जुड़ा अब्दुल्लाह अभी मुजफ्फरनगर के चरथावल के कुटेसरा में रह रहा था। वह वहां पर फर्जी आधार कार्ड तथा पासपोर्ट बनाने के काम में लिप्त था। अब्दुल्लाह के अलावा तीन अन्य लोग देवबंद के आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय थे। इनमें से दो कश्मीरी व एक बिहार का है। 

बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह फर्जी पासपोर्ट के आधार पर भारत में रह रहा है। यह यहां पर आतंकियों को आश्रय देने के साथ ही उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में बेहद सक्रिय था। एटीएस व एसटीएफ की टीमों से सूचना के आधार पर मुजफ्फरनगर, शामली व बागपत में तलाशी का अभियान चलाया था।

 एसटीएफ के एडीशनल बृजेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में आज अब्दुल्लाह को गिरफ्तार किया गया। उसको मुजफ्फरनगर में पकड़ा गया है। यहां से पहले वह सहारनपुर के अम्बेहटा शेख थाना देवबंद में 2011 से रह रहा था। यहीं से उसने फर्जी दस्तावेज की मदद से पासपोर्ट बनवा लिया था।

प्रारंभिक पूछताछ में अब्दुल्लाह ने बताया कि वह देवबंद में रहकर बांग्लादेश के फैजान की मदद से आतंकियों तथा बांग्लादेश के अन्य लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके लिए भारत में ठिकाने तैयार कर रहा था। एसटीएफ व एटीएस अब फैजान की तलाश में है। अब्दुल्लाह बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसारुल बांग्ला टीम से जुड़ा है। 

यह भी पढ़ें: अच्छी खबर: रेलवे में एक लाख पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती

एटीएस के महानिरीक्षक असीम अरुण ने बताया कि दस्ते ने अब्दुल्लाह अल मामून नामक व्यक्ति को आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में मुजफ्फरनगर जिले के कुटेसरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती पूछताछ में पता लगा है कि वह बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘अन्सारुल्ला बांग्ला टीम’ से जुड़ा है।

यह भी पढ़ें: प्रदेश में केवल SGPGI में आर्गन ट्रांसप्लांट, एक वर्ष की वेटिंग

अन्सारुल्ला बांग्ला टीम कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन द्वारा गठित किये गये आतंकवादी संगठन ‘अलकायदा’ से प्रेरित तन्जीम बतायी जाती है। अरुण ने बताया कि बांग्लादेश के मोमिन शाही जिले के हुसनपुर गांव का रहने वाला अब्दुल्लाह पिछले करीब एक महीने से मुजफ्फरनगर के कुटेसरा में रह रहा था।

इससे पहले वह सहारनपुर जिले के देवबंद थाना क्षेत्र स्थित अम्बेहटा शेख इलाके में रह रहा था। वहीं पर उसने फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपना पासपोर्ट बनवाया था।उसके कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट, चार मोहरें तथा 13 पहचान पत्र बरामद किये गये हैं।

साथी फैजान नहीं मिला 

अब्दुल्ला से पूछताछ में एटीएस को उसके एक अन्य अहम साथी फैजान का पता चला है।एटीएस ने फैजान के देवबंद स्थित ठिकाने पर दबिश दी, जहां फैजान तो नहीं मिला लेकिन कई प्रतिबंधित चीजें बरामद हुई हैं। वह नकली आईडी फैज़ान की मदद से बनाता है।इस सूचना के बाद एटीएस टीम ने देवबंद में फैजान के किराए के कमरे पर दबिश दी गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। कमरे में तलाशी ली गई गई तो वहां से बांग्ला भाषा में जेहादी साहित्य, बम बनाने की विधि का साहित्य, कलर प्रिंटर, कई नकली आईडी मिले हैं।यह स्पष्ट हुआ है की फैजान भी बांग्लादेशी संदिग्ध आतंकी है और अंसारुल्ला बांग्ला टीम से जुड़ा है।