विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोनभद्र के फासिल्स पार्क में लगी आग, धरोहर को बचाने के लिए आगे आया वन विभाग

By Abhishek SharmaEdited By:
Published: Mon, 05 Apr 2021 03:19 PM (IST)

सदर विकास खण्ड क्षेत्र के अन्तर्गत मुख्य राज मार्ग स्थित सलखन फासिल्स पार्क में सोमवार को आग लग गई। इसकी ...और पढ़ें

आग सुलगते देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी।
आग सुलगते देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी।

सोनभद्र, जेएनएन। सदर विकास खण्ड क्षेत्र के अन्तर्गत मुख्य राज मार्ग स्थित सलखन फासिल्स पार्क में सोमवार को आग लग गई। इसकी जानकारी मिलते ही वन विभाग में अफरा तफरी मच गई। फासिल्स पार्क के दक्षिणी हिस्से में आग सुलगते देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी। समय रहते जब तक आग अपना विकराल रूप धारण करती, समय पर वन विभाग के कर्मियों ने पहुंच कर आग पर काबू पा लिया। इससे ऐतिहासिक धरोहर फासिल्स की हरियाली काफी हद तक सुरक्षित बच सकी।

फासिल्स पार्क के दक्षिणी हिस्से में सोमवार की सुबह आग सुलगते देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी। आनन फानन मौके पर अधिकारियों की टीम पहुंची और काफी प्रयास कर कई जगहों पर धधक रही आग पर काबू पाया। वहीं कोन के झंडिया पहाड़ी में लगी आग में वन विभाग के द्वारा लगाए गए पौधे भी जल रहे हैंं। वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद होने के बाद भी उपकरणों के अभाव में आग पर काबू पाने में सक्षम नहीं है। बीते सप्‍ताह भर से मीरजापुर के जंगलों में भी आग धधक रही है लेकिन काफी प्रयास के बाद भी आग पर काबू पूरी तरह से नहीं पाया जा सका है। विंध्‍य क्षेत्र के कई प्रमुख जंगल पहाड़ों पर हैं लिहाजा वहां पर आग बुझाने के उपकरण पहुंचाना काफी दुष्‍कर कार्य होने की वजह से काफी प्रयासों के बाद भी जंगल लगातार धधक रहे है।

जीवाश्‍म पार्क काफी महत्‍वपूर्ण

सलखन में बना जीवाश्‍म पार्क यानि फॉसिल्‍स पार्क लाखों वर्षों पूर्व के दस्‍तावेजों का जीता जागता उदाहरण है। वैज्ञानियों को यहां पर जीवाश्‍मों के साथ ही धरती की विकास यात्रा के सुबूत भी जीवाश्‍मों के तौर पर मौजूद मिलते हैं। इनके कालोनियों की अनोखी आकृति वैज्ञानिकों को भी इस ओर आकर्षित करती है। आग लगने की घटना के बाद इनके संरक्षण को लेकर भी चिंता की स्थिति है।