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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानें, बनारस की बेटी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह के बारे में, जो बनीं राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट

By Abhishek SharmaEdited By:
Published: Wed, 23 Sep 2020 02:40 PM (IST)Updated: Wed, 23 Sep 2020 05:50 PM (IST)

भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलटों की भर्ती शुरु होने के बाद राफेल को उड़ाने का सौभाग्‍य बनारस की ...और पढ़ें

फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह राफेल पर अब परवाज भरेंगी।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह राफेल पर अब परवाज भरेंगी।

वाराणसी [रवि पांडेय]। फ्रांस से राफेल विमानों का बेड़ा भारत आने के बाद से ही चर्चा थी कि आखिर कौन फाइटर पायलट इन आधुनिक विमानों को उड़ाएगा। वहीं भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलटों की भर्ती शुरु होने के बाद राफेल विमान को उड़ाने का सौभाग्‍य पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से बनारस की बेटी शिवांगी सिंह को मिला है। बनारस में पली बढ़ीं और बीएचयू से एनसीसी करने के बाद शिवांगी ने भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्‍य हासिल किया है। बनारस ही नहीं बल्कि देश में भी वायुसेना की ओर से बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह राफेल पर अब परवाज भरती जल्‍द ही नजर आएंगी।

महिला लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच के हिस्से के रूप में शिवांगी सिंह को वर्ष 2017 में भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला था। वाराणसी जिले की मूल निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह फ‍िलहाल प्रशिक्षण के दौर में हैं। जल्द ही शिवांगी अंबाला में मौजूद भारतीय वायु सेना की 17 स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में शामिल हो जाएगी। भारतीय वायु सेना में वर्ष 2017 में शामिल होने के बाद से ही शिवांगी सिंह मिग -21 बाइसन जैसा विमान उड़ा रही हैं। वह अंबाला में भारत के सर्वश्रेष्ठ फाइटर पायलटों में से एक विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के साथ भी रह चुकी हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में शिवांगी के पिता ने बताया कि उसका सपना था कि वह विमान उड़ाएं। शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह ने बताया कि हम लोगों को गर्व है कि हमारी बेटी बनारस के साथ ही देश का नाम रोशन करेगी। शिवांगी ने 2013 से 2016 तक बीएचयू के एनसीसी का प्रशिक्षण लिया था और सनबीम भगवानपुर से बीएससी किया था। शिवांगी की मां सीमा सिंह गृहिणी हैं और भाई मयंक बनारस में 12 वीं का छात्र है। पिता ने बताया कि उनका ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है। सामान्य परिवार में रहने के बाद भी बेटी के सपने देश की उंचाईयों पर जाने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। पिता ने जागरण को बताया कि - 'बेटी राफेल उड़ाएगी इससे बड़ी खुशी पिता के लिए क्या हो सकती है।'

राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह वाराणसी में स्कूलिंग के बाद उच्‍च शिक्षा के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) पढ़ने गई थीं। बीएचय में ही वह नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा थीं। इसके बाद वर्ष 2016 में प्रशिक्षण के लिए वायु सेना अकादमी उन्‍होंने ज्‍वाइन की थी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी भारतीय वायुसेना के सबसे पुराने जेट विमान मिग -21 बाइसन और सुखोई एमकेआई से लेकर आधुनिकतम राफेल विमान को उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं। वहीं इस बाबत जानकारी मिलने के बाद से ही शिवंगी के घर में जश्‍न का माहौल है। परिवार को जहां अपनी बेटी पर गर्व है वहीं पड़ोसियों के अनुसार शिवांगी के सपने हमेशा से ऊंचे रहे हैं और आज वह आसमान की बुलंदियों को छू रही है।

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