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धनतेरस पर बढ़ी सोने-चांदी की चमक, वाराणसी में चांदी की मूर्तियों और सोने के लॉकेट की मांग तेज

Published: Tue, 03 Nov 2026 04:34 PM (IST)

धनतेरस पर वाराणसी के सराफा बाजार में सोने-चांदी की जबरदस्त मांग दिख रही है, जिसमें चांदी के बर्तन, मूर्तियां और सोने के हल्के आभूषण ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं।

नारायण दास सर्राफ भेलूपुर के शोरूम में चांदी के बर्तन। स्वयं

नारायण दास सर्राफ भेलूपुर के शोरूम में चांदी के बर्तन। स्वयं

HighLights

  1. चांदी के बर्तन, मूर्तियां और सिक्के की बढ़ी मांग।

  2. सोने के हल्के लॉकेट और आभूषण ग्राहकों को लुभा रहे।

  3. वाराणसी में 1000 करोड़ के कारोबार की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना सिर्फ परंपरा नहीं, शुभता और समृद्धि को घर लाने का अवसर भी है। धनतेरस पर पीतल और स्टील के बर्तन खरीदने की परंपरा रही है, लेकिन अब चांदी के बर्तनों की ओर भी लोगों का रुझान बढ़ा है। कोई चांदी की कटोरी और गिलास खरीद रहा है तो कोई सिक्का लेकर तिजोरी में रखता है।

सोने के लॉकेट और हल्के आभूषण भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। धनतेरस से पहले ही सराफा बाजार में रौनक दिखने लगी है। चेतमणि ज्वेलर्स के अधिष्ठाता गुंजन अग्रवाल ने बताया कि इस साल सोने के हल्के गहनों संग चांदी के सिक्कों और बर्तनों की मांग बढ़ी है।

साथ ही इस पूरे त्योहारी सीजन में बाजार के एक हजार करोड़ रुपये पार करने की उम्मीद है। वर्ष 2024 के त्योहारी सीजन में बनारस का सराफा कारोबार करीब 650 से 700 करोड़ रुपये रहा था, जबकि 2025 में कारोबार करीब 900 करोड़ रुपये तक पहुंचा था।

बर्तनों की परंपरा में चांदी ने बनाई जगह, सिक्कों की परंपरा आज भी कायम

धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा पुरानी है। पहले इस दिन लोग पीतल और स्टील के बर्तन खरीदना शुभ मानते थे, लेकिन अब चांदी के बर्तनों की ओर भी ग्राहकों का रुझान बढ़ रहा है। चांदी की कटोरी, गिलास, चम्मच और छोटी थाली जैसे सामान खरीदारी में शामिल हैं। लोग इन्हें पूजा में इस्तेमाल करने के साथ उपहार के रूप में भी पसंद कर रहे हैं।

छोटे आकार और अलग-अलग वजन में उपलब्ध बर्तन बजट के अनुसार खरीदारी का विकल्प दे रहे हैं। वहीं सोने-चांदी के सिक्के खरीदने की परंपरा आज भी कायम है। चांदी के सिक्कों पर लक्ष्मी-गणेश की आकृति और शुभ चिह्न ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। वहीं, सोने के सिक्के भी अपनी क्षमता के अनुसार लोग खरीदते हैं।

चांदी की मूर्तियों से सजेगा पूजन स्थल

धनतेरस और दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए चांदी की मूर्तियों की खरीदारी भी की जाती है। नारायण दास के अधिष्ठाता अमित अग्रवाल ने बताया कि बाजार में छोटी मूर्तियों से लेकर अलग-अलग आकार के पूजन सेट उपलब्ध हैं। चांदी की कटोरी, थाली, दीपक और पूजा में इस्तेमाल होने वाले दूसरे सामान भी ग्राहकों की पसंद में शामिल हैं। लोग घर के मंदिर और पूजन स्थल के लिए अपनी जरूरत के अनुसार सामान चुन रहे हैं।

सोने के लॉकेट और हल्के गहनों का आकर्षण

सोने के लॉकेट, चेन, अंगूठी और छोटी बालियों जैसे आभूषण भी धनतेरस की खरीदारी में शामिल हैं। कन्हैया अलंकार मंदिर के अधिष्ठाता अनूप अग्रवाल ने कहा कि कई ग्राहक भारी गहनों के बजाय कम वजन वाले आभूषण पसंद करते हैं, जिन्हें रोजमर्रा में भी पहना जा सके। बच्चों के लिए छोटे लॉकेट और उपहार के तौर पर अंगूठी या चेन लेने का भी विकल्प है। बजट के अनुसार सोने की खरीदारी करने वालों के लिए हल्के आभूषण पसंद बन रहे हैं।

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