वाराणसी (जेएनएन) । आपका प्लेटलेट्स कम हो तो घबराइए नहीं, जरूरी नहीं है कि आपको डेंगू हो गया है। वायरल फीवर होने पर भी प्लेटलेट्स कम होता है लेकिन शहर के कुछ अस्पताल संचालक डेंगू का भय दिखाकर मरीज का उत्पीडऩ कर रहे हैं। सप्ताहभर में लाखों रुपये का बिल बना दे रहे हैं। सच्चाई यह है कि उनके पास डेंगू लक्षण जांचने की मशीन ही नहीं है। वहीं, उनमें डेंगू के लक्षण मिलने पर उन्हें बीएचयू, मंडलीय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर कर दे रहे हैं। क्योंकि डेंगू का उपचार सभी अस्पतालों में संभव नहीं है। बारिश के बाद, मौसम बदलने के साथ विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैली हुई। साथ ही डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। 

डेंगू के क्या है लक्षण 

  • ठंड लगने के  बाद अचानक तेज बुखार चढऩा
  • सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना 
  • आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है 
  • बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना, जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना 
  • गले में हल्का-सा दर्द होना 
  • शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना 

ऐसे बरतें सावधानी

  • ठंडा पानी न पीएं, मैदा और बासी खाना न खाएं। 
  • खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग का ज्यादा-से-ज्यादा इस्तेमाल करें। 
  • इस मौसम में पत्ते वाली सब्जियां, अरबी, फूलभोगी न खाएं। 
  • हल्का खाना खाएं, जो आसानी से पच सके। 
  • पूरी नींद लें, खूब पानी पीएं और पानी उबालकर पीएं। 
  • मिर्च मसाले और तला हुआ खाना न खाएं, भूख से कम खाएं, पेट भर न खाएं। 
  • खूब पानी पीएं। छाछ, नारियल पानी, नीबू पानी आदि खूब पिएं। 

मच्छरों के काटने से बचाव 

  • ऐसे कपड़े पहने, जिससे शरीर का ज्यादा-से-ज्यादा हिस्सा ढका रहे। खासकर बच्चों के लिए यह सावधानी बहुत जरूरी है। बच्चों को मलेरिया सीजन में हाफ पैंट व टी-शर्ट न पहनाएं। 
  • रात को सोते समय मच्छरदानी लगाएं। 

बोले अधिकारी : कुछ अस्पताल संचालकों द्वारा डेंगू का भय दिखाकर मरीजों का उत्पीडऩ किया जाता है जबकि उनके पास संसाधन नहीं है। प्राइवेट अस्पताल संचालक किसी भी लैब से जांच कराते हैं और डेंगू के पॉजिटीव रिपोर्ट आते हैं तो तत्काल सूचना देनी चाहिए। -डा. वीबी सिंह, सीएमओ।  

Edited By: Abhishek Sharma

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