यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नहीं कर सकेंगे दो राज्यों में मतदान, ड्रेमोग्राफिकल सिमलर इंट्री पर चल रहा है कार्य
मतदाता सूची की डेमोग्राफिकल सिमलर इंट्री शुरू हो चुकी है। यह साफ्टवेयर मिलते- जुलते नाम या स्थानों की जानकारी देगा, वहां से जानकारी अधिकारी के पास जाएगी।

वाराणसी (जेएनएन) । भारत में अब कोई भी मतदाता दो जगह मत नहीं डाल पाएगा। यह संभव हो पा रहा है भारत के निर्वाचन आयोग के पहल पर यूरो नेट के प्रयोग से। भारत के सब स्थानों की मतदाता सूची की डेमोग्राफिकल सिमलर इंट्री शुरू हो चुकी है। यह साफ्टवेयर मिलते- जुलते नाम या स्थानों की जानकारी देगा। वहां से जानकारी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जाएगी। जो विधानसभावार बूथ लेबल अधिकारी से उस मतदाता को फार्म नंबर सात भर कर नाम निरस्त करने को कहा जाएगा। यह मतदाता के ऊपर है कि वह कहां की मतदाता सूची से अपना नाम हटवाना चाहता है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी वाराणसी दया शंकर ने इस बाबत बताया कि भारत के निर्वाचन आयोग ने 30 नवंबर 2018 तक तिथि निर्धारित की है। मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वह इस तारीख से पहले अपना नाम मतदाता सूची में केवल एक जगह की रखें। दो जगह पर नाम होना संज्ञेय अपराध है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना और दंड का या दोनों का वह भागीदार होगा।
