बाबा विश्वनाथ धाम में भक्तों ने बनाया नया रिकॉर्ड, दिल खोलकर दे रहे दान, एक साल में आया 100 करोड़ चढ़ावा
दैनिक जागरण में आयोजित विमर्श में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि श्रीकाशी विश्वधाम निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या 40 लाख से साढ़े सात करोड़ पहुंच गई है। यही नहीं 100 करोड़ से अधिक चढ़ावा भी आया है।

वारणसी, जागरण संवाददाता। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का नव्य-भव्य स्वरूप में आना ऐतिहासिक घटना रही तो लोकार्पण के बाद का एक साल भी कई मायने में ऐतिहासिक रहा। इसमें सबसे खास रहा एक साल में श्रद्धालुओं की संख्या का लगभग 20 गुना हो जाना। पिछले साल 13 दिसंबर को धाम का नव्य स्वरूप लोकार्पित हुआ। उससे पहले यहां सालाना 40 लाख श्रद्धालु आते थे। इस एक साल में 7.35 लाख श्रद्धालु-सैलानी बाबा के दर्शन व धाम की छटा निरखने आए। आसपास समेत काशी के अन्य मंदिरों में भी इससे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई। यही नहीं चढ़ावा भी लगभग पांच गुना बढ़ोतरी के साथ 100 करोड़ तक आ गया। इसमें लगभग 50 करोड़ नकदी तो शेष सोना-चांदी व अन्य धातु थी।
नए साल पर दो दिनों में आए साढ़े पांच लाख श्रद्धालु
श्रद्धालु संख्या व दान में इस बढ़ोतरी को लेकर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर व विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक डॉ. सुनील कुमार वर्मा बेहद आशान्वित हैं। दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित पाक्षिक विमर्श में उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं-सैलानियों का रुझान तो पिछले साल क्रिसमस पर ही नजर आने लगा था, लेकिन नए साल पर दो दिनों में साढ़े पांच लाख श्रद्धालु आने के साथ उस दृष्टि से व्यवस्थापन किया जाने लगा। आज धाम विस्तार व सुंदरीकरण की परिकल्पना अनुसार श्रद्धालुओं के लिए समस्त सुविधाएं परिसर में उपलब्ध हैं। इसमें नित्य सुधार और व्यापकता आएगी।
हाइटेक हो रहे श्रद्धालु, 40 फीसद दान ऑनलाइन
खास यह कि बाबा के भक्त यहां की व्यवस्था की तरह हाईटेक हो रहे हैं। साल भर में विभिन्न मदों में आए लगभग 50 करोड़ दान में 40 फीसद ऑनलाइन था। मंदिर गर्भगृह को स्वर्णमंडित करने के लिए मुंबई के श्रद्धालु ने 60 किलो सोना दान किया। अन्य मदों में लोग तैयार खड़े दिखे। श्रद्धालु व दान विस्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि पांच साल में मंदिर विस्तार व सुंदरीकरण में खर्च 850 करोड़ से अधिक धनराशि चढ़ावे में आ जाएगी।
सर्वाधिक सर्च की गई विश्वनाथ धाम की साइट
डॉ. वर्मा ने गर्व के साथ कहा कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की साइट दुनिया में सर्वाधिक सर्च की जाती है। वर्ष 2017 में जब यहां आया तब से यूं तो बहुत कुछ बदल गया, लेकिन तब इस व्यापकता का तनिक भान न था। प्रोजेक्ट से जुड़ा तो भवनों का अधिग्रहण किया जा रहा था। निर्माण के साथ समय-समय पर बहुत से बदलाव किए गए, कई चीजों को जोड़ा गया, लेकिन आज भी लगता है बहुत कुछ कराना शेष है। इसके लिए बराबर फीडबैक का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
इन्हें मिल रहा पर्यटकों की बढ़ी संख्या का लाभ
पर्यटकों की बढ़ी संख्या का सीधा लाभ यहां होटल, वाहन, दुकान, नाविक सहित समस्त कारोबार पर पड़ा है। रात 10 बजे खुलेगा धाम, मुख्य परिसर में सेल्फी श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के विस्तार के साथ सबके विकास की सोच के तहत धाम से जुड़ी गलियों को बंद नहीं किया गया। मंदिर चौक में मोबाइल ले जाने की छूट दी जा चुकी है। मुख्य परिसर में भी सेल्फी प्वाइंट विकसित करने की योजना है। पार्किंग की भी उचित व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। घाट छोर तक लोग दस बजे तक जा सकेंगे। यात्रियों की सहूलियत के लिए नमो घाट तक फेरी सर्विस सुविधा बढ़ाएगी।
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