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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वाराणसी में फर्जी आधार कार्ड पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा

By Abhishek SharmaEdited By: Abhishek Sharma
Published: Sun, 27 Dec 2020 10:05 AM (IST)Updated: Mon, 20 Mar 2023 03:10 PM (IST)

परिवहन कार्यालय में आए दिन फर्जी आधार कार्ड पकड़े जाने पर उप परिवहन आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

वाराणसी, जेएनएन। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अभ्यर्थी अब फर्जी आधार कार्ड का सहारा लेने लगे हैं। परिवहन कार्यालय में आए दिन फर्जी आधार कार्ड पकड़े जाने पर उप परिवहन आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने एआरटीओ को निर्देश दिया है कि फर्जी आधार कार्ड के साथ पहुँचने वाले अभ्यर्थियों को पकड़ कर पुलिस को दें। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं।

बाबतपुर परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे एक अभ्यर्थी को संभागीय निरीक्षक (आरआइ) ने फर्जी आधार कार्ड के साथ पकड़ लिया था। आरआइ ने इसकी रिपोर्ट एआरटीओ से की थी। उप परिवहन आयुक्त की बैठक में मामला उठने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी। एआरटीओ (प्रशासन ) सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले दिनों आरआइ ने एक अभ्यर्थी को फर्जी आधार कार्ड के साथ पकड़ा था, पुलिस बुलाने जा रहे थे लेकिन उसके माफी मांगने पर छोड़ दिया। पूछताछ में अभ्यर्थी ने बताया कि फर्जी आधार कार्ड कार्यालय के बाहर एक दलाल ने 300 रुपये में बनवाया है। प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह खुद स्वीकार कर चुके हैं कि परिवहन कार्यालय के आसपास बने मकान और दुकान भी भ्रष्टाचार का अड्डा है।

यहां अवांछनीय तत्व बैठने के साथ गाड़ी का काम और डीएल बनवाने पहुंचे अभ्यर्थियों को गुमराह व भ्रमित करते हैं। वे फर्जी कागजात बनाते हैं। ऐसे में इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। वहीं, सरकार ने जिस फर्जीवाड़ा को खत्म करने के लिए आधार कार्ड बनाने के साथ आनलाइन करना शुरू कर दिया है, अब तथाकथित लोग परिवहन कार्यालय के बाहर फर्जी आधार कार्ड बनाने लगे हैं। उस आधार कार्ड को देखकर यह कोई नहीं कह सकता है कि फर्जी है।

डिस्क्लेमर- खबर प्रकाशित करते समय चित्र के रुप में व्यक्तिगत आधार पहचान पत्र का उपयोग किया गया था, मामला संज्ञान में आते ही उक्त तस्वीर को बदल दिया गया है। जागरण पाठकों को समयबद्ध एवं सटीक खबरें देने की अपनी नीति का हमेशा पालन करता है। पाठकों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।