सोनभद्र, जागरण संवाददाता। ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एनसीएल में एक वर्ष में परियोजना पूरी करने की तैयारी की जा रही है। पांच वर्षों तक लगाने वाली कंपनी इसका संचालन करेगी और प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के हिसाब से ऊर्जा के उत्‍पादन में अपना योगदान देगी। 

नसीएल नेट जीरो कंपनी बनने की दिशा में जारी प्रयास के तहत निगाही परियोजना में नवीकरणीय व अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए 50 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट की स्थापना कर रही है। यह सोलर प्लांट सीआईएल एनटीपीसी ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड (सीएनयूपीएल) द्वारा लगाया जा रहा है। सीएनयूपीएल देश की दो महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड व एनटीपीसी का संयुक्त उपक्रम है, जिसे नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के उद्देश्य से बनाया गया है। एनसीएल के निदेशक एसएस सिन्हा ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा बदलते वैश्विक परिदृश्य की मांग है। वर्तमान में एनर्जी मिक्स में नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते प्रभाव के दृष्टिगत एनसीएल का यह कदम बेहद अहम है।

निगाही में आयोजित बैठक में सुचंद्रा सिन्हा ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से सभी आकांक्षी बिडर्स को परियोजना एवं इसकी लोकेशन की जानकारी दी। यह सौर परियोजना 129.35 हेक्टेयर भूमि पर दो स्थानों पर लगाई जाएगी, जिसमें उत्तरी प्लांट 74.69 हेक्टेयर तथा दक्षिणी प्लांट 54.66 हेक्टेयर का रहेगा। परियोजना से उत्पन्न 50 मेगावाट बिजली में से 40 मेगावाट बिजली निगाही सब स्टेशन के माध्यम से अमलोरी, निगाही, जयंत व दूधीचुआ क्षेत्र की खदानों को दी जाएगी। 10 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति एमपीपीटीसीएल सब स्टेशन के माध्यम से निगाही, अमलोरी, एनएससी, सीडब्लूएस व दूधीचुआ के आवासीय परिसर में दी जाएगी। यह परियोजना एक वर्ष में पूरी होगी तथा पांच वर्षो तक इसका संचालन लगाने वाली कंपनी करेगी। इस अवसर पर महाप्रबंधक (निगाही) जेपी द्विवेदी, संजीव चावला, सीएनयूपीएल के सीईओ बीके पांडा, सुनील दत्ता समेत एनटीपीसी व एनसीएल के वरिष्ठ अधिकारी तथा बिडर्स उपस्थित रहे।

Edited By: Abhishek Sharma