वाराणसी, प्रमोद यादव। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण व सुंदरीकरण परियोजना के तहत बनाए जा रहे कारिडोर में 27 छोटे मंदिर बनाए जाएंगे। आकार प्रकार में एक रंग मंदिरों की शृंखला चहारदीवारी के पास तैयार की जाएगी। इनकी ऊंचाई 14 फीट की होगी। इनमें बाबा दरबार से गंगा तट तक कारिडोर निर्माण के लिए खरीदे गए भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान मिले विग्रहों को पुन: स्थापित किया जाएगा। इन्हें कारिडोर निर्माण आरंभ होने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से शास्त्रीय विधानपूर्वक हटाकर एक स्थान पर रख दिया गया था।

मंदिर शृंखला तैयार करने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) को दी गई है। इस पर आने वाला खर्च श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद वहन करेगा। न्यास परिषद ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिकारियों से एक सप्ताह के अंदर इस्टीमेट मांगा है ताकि इसे शासन से स्वीकृत करा कर कार्य शुरू कराया जा सके। खास यह कि मंदिर के विभिन्न हिस्से बाहर से बनाकर लाए जाएंगे और उन्हें कारिडोर में तय स्थान पर आकार दिया जाएगा। इसके बाद शास्त्रोक्त विधि से विग्रहों को पुन: स्थापित किया जाएगा। संबंधित सभी विभागों के साथ बैठक में काशी विश्वनाथ मंदिर कार्यपालक समिति के अध्यक्ष मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कार्य कारिडोर निर्माण की लक्ष्य अवधि 15 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

संवारे जाने लगे कारिडोर क्षेत्र में भवनों के बीच मिले ऐतिहासिक 17 मंदिर

कारिडोर निर्माण के लिए खरीदे गए भवनों के ध्वस्तीकरण के समय परिसर में लगभग 60 छोटे-बड़े मंदिर सामने आए थे। इनकी पुराविदों से प्राचीनता व ऐतिहासिकता का परीक्षण कराया गया था। उनमें खास महत्व के 17 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। दीवारों को साफ कराने के साथ रंग-रोगन किया जा रहा है। कारिडोर निर्माण की कार्यदायी एजेंसी लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजय गोरे के अनुसार ने बताया कि भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद मिले 17 मंदिरों का जीर्णोद्धार शुरू किया जा रहा है। इसमें ख्याल रखा जा रहा है कि मूल स्वरूप निखर कर सामने आ जाए।

Edited By: Saurabh Chakravarty