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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कबीर प्राकट्य स्थली लहरतारा तालाब में चला महाअभियान

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Published: Mon, 04 Jul 2016 01:26 AM (IST)

वाराणसी: संत कबीर की प्राकट्य स्थली लहरतारा तालाब के पुनरुद्धार के लिए रविवार को जलसेवियों के जत्थे

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वाराणसी: संत कबीर की प्राकट्य स्थली लहरतारा तालाब के पुनरुद्धार के लिए रविवार को जलसेवियों के जत्थे उतर पड़े। जल संरक्षण की दिशा में चलाए गए दैनिक जागरण के अभियान 'तलाश तालाबों की' से प्रेरित स्वयंसेवी संस्थाओं के नेतृत्व में रविवार को बच्चों, बुजुर्गो व महिलाओं तक ने सफाई की। जीवटता दिखाई और तालाब की स्वच्छता के लिए श्रमदान का महाअभियान चलाया।

फावड़ा, बेलचा व टोकरियां संभाले तालाब में उतरे और घास-फूस, कूड़ा कचरा और गंदगी साफ की। लगभग सात घंटे तक खुद सफाई की और इसके लिए लोगों का जागरूक भी किया। प्रबोधिनी फाउंडेशन, नारी चेतना समिति, छात्र युवा संघर्ष मोर्चा, गौ ग्राम सेवा प्रतिष्ठान, स्वामी सहजानंद विचार मोर्चा, साझा सास्कृतिक मंच, नारी चेतना शक्ति, छात्र युवा संयुक्त मोर्चा, आइकॉन, लहरतारा विकास समिति, मानव चेतना परख समिति ने भागीदारी की। स्वयंसेवी विनयशकर राय व श्वेता राय ने प्रशासन से धार्मिक महत्व के इस तालाब की साज संवार के लिए आगे आने का आग्रह किया। नीरज सिंह, रुपेश पांडेय, अमित राय, वल्लभाचार्य पांडेय, धनंजय त्रिपाठी, निधि सिंह, शशि राय, विवेक यादव, दिलीप मिश्रा, ऋषि राय, आशीष, ओम शुक्ला, पंकज, पूरन सिंह, राकेश, बृजेंद्र, बृजेश आदि थे।

इसके अलावा लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद सरोवर में तालाब की सीढि़यों की मरम्मत की गई। अर्दलीबाजार स्थित महावीर मंदिर तालाब में सफाई के लिए भी जलसेवी दल जुटा रहा। काशी विद्यापीठ ब्लाक में नरऊर के बाबा बाणासुर मंदिर तालाब व घाटमपुर तालाब, पिंडरा के साव का पोखरा समेत नगर व गांव के दो दर्जन से अधिक तालाबों में श्रमदान जारी रहा।