दैनिक जागरण विमर्श 2026 में उठा भविष्य के महानगर का मुद्दा, उन्नाव के 171 नए गांव होंगे एससीआर में शामिल
उन्नाव को भविष्य के महानगर के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है, जिसमें 171 नए गांवों को ...और पढ़ें

उद्योग और निर्यात विषय पर चर्चा कर रहे हैं उन्नाव के उद्यमी जीएन मिश्र, अशोक गर्ग, अशद इराकी और संदीप शुक्ल। जागरण
HighLights
उन्नाव के 171 नए गांव राज्य राजधानी क्षेत्र में शामिल
औद्योगिक निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
फूड प्रोसेसिंग जोन और मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल का प्रस्ताव
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर और लखनऊ के बीच स्थित उन्नाव अब केवल दोनों महानगरों के बीच का जिला बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि भविष्य के एक विकसित महानगर के रूप में अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है। एक्सप्रेसवे और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के बाद अब राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) से विकास की नई संभावनाएं जुड़ रही हैं। हालांकि, इस विकास को जमीन पर उतारने के लिए औद्योगिक निवेश, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी होगा।
दैनिक जागरण विमर्श 2026 के प्रथम सत्र ‘राज्य राजधानी क्षेत्र व भविष्य का महानगर’ में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्नाव के विकास की इसी तस्वीर पर चर्चा की।
उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के सचिव व सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह ने बताया कि एससीआर की महायोजना के तहत जिले में विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्राधिकरण क्षेत्र की तीन तहसीलों के 171 नए गांवों को एससीआर में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है और बेस मैप को मंजूरी मिल चुकी है।
इन गांवों के राजस्व अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। करीब 470 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नियोजित विकास की संभावनाओं को देखते हुए आवासीय योजनाओं के साथ औद्योगिक और अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से 12 विकास योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें फूड प्रोसेसिंग जोन और मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल जैसी सुविधाओं पर जोर है। इससे कृषि आधारित उत्पादों के प्रसंस्करण और पैकेजिंग को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कानपुर और लखनऊ पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी प्रयास जरूरी हैं। मनोज सिंह ने कहा कि उन्नाव का विकास केवल प्राधिकरण के प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें आम जनता, व्यापारियों और उद्योग जगत की भागीदारी भी जरूरी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य से मजबूत होगा विकास का आधार
शिक्षाविद वेणु रंजन भदौरिया ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका बुनियादी होती है। एससीआर में विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, इंटर कालेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार होना चाहिए, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दिल्ली, गुरुग्राम या बेंगलुरु जैसे शहरों की ओर न जाना पड़े।
स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होने से परिवारों का खर्च कम होगा और उन्नाव में ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मजबूत होगी तो उद्योग, कारोबार, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व सहित हर क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा।
निवेश के लिए एकल खिड़की व्यवस्था की मांग
होटल व्यवसायी विजय त्रिपाठी ने कहा कि एक्सप्रेसवे और बेहतर सड़क संपर्क के कारण उन्नाव में जमीन और कारोबार को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। होटल, अस्पताल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थापित करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं, लेकिन अलग-अलग विभागों की प्रक्रियाओं के कारण निवेशकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने एससीआर के तहत एकल खिड़की व्यवस्था स्थापित करने की मांग उठाई, जहां भवन का नक्शा पास कराने, जरूरी अनुमतियों और अन्य औपचारिकताओं की जानकारी एक ही जगह मिल सके। इससे निर्माण शुरू करने से पहले ही कमियों को दूर किया जा सकेगा और निवेशकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
गांवों में सुविधाओं के विस्तार पर जोर
जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह ने बताया कि प्रशासक के रूप में जिला पंचायत के कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। जिले की विधानसभा क्षेत्रों में सीसी रोड, नाली और अन्य विकास कार्य कराए गए हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार गांवों में सुविधाओं के विस्तार, ओपन जिम और अन्य सार्वजनिक कार्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जरूरी सुविधाएं मिलें और विकास कार्यों का लाभ जिले के सभी हिस्सों तक पहुंचे।
खेल और सड़कें भी बने विकास का हिस्सा
विमर्श में उन्नाव स्टेडियम के एथलीट कोच कुशमेश कुमार ने खिलाड़ियों की जरूरतों को सामने रखते हुए सिंथेटिक ट्रैक बनाने की मांग उठाई। शिक्षक अमित मिश्र ने एससीआर के गठन से जिले को होने वाले संभावित लाभों पर सवाल किया, जबकि उमानिवास बाजपेयी ने सड़क निर्माण की आवश्यकता बताई। चर्चा में यह बात सामने आई कि उन्नाव को भविष्य का महानगर बनाने के लिए केवल एक्सप्रेसवे और बड़ी परियोजनाएं पर्याप्त नहीं होंगी। स्थानीय सड़कों, खेल सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश के अनुकूल व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा।
