कीट संग्रहकर्ता है नहीं, शासन पता लगवाएगा मच्छरों का घनत्व
जागरण संवाददाता उन्नाव जिले में लंबे अर्से से कीट संग्रहकर्ता का पद रिक्त चल रहा है। मच्छर

जागरण संवाददाता, उन्नाव : जिले में लंबे अर्से से कीट संग्रहकर्ता का पद रिक्त चल रहा है। मच्छरों का घनत्व पता करने के लिए संग्रह का काम कीट संग्रहकर्ता का होता है। इस बीच शासन ने मच्छरों का घनत्व पता कार रिपोर्ट देने को कहा है। अब विभाग पशोपेश में है कि घनत्व का पता कैसे लगवाए।
जिले में एक कीट संग्रहकर्ता और बायोलाजिस्ट का पद है। वेक्टर जनित बीमारियों व मच्छरों का घनत्व पता करने में इनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। पूर्व में जिले में तैनात रही बायोलाजिस्ट डा. प्रियंका त्रिपाठी का स्थानांतरण होने के बाद इस पद पर केके गुप्ता की तैनाती की गई। वह इस समय बाराबंकी जनपद में संबद्ध हैं। लगभग पांच वर्ष से कीट संग्रह कर्ता का पद रिक्त है। जिला मलेरिया अधिकारी आरसी यादव ने बताया कि इस पद तैनाती के लिए विभाग को कई पत्र लिख चुका हूं। लेकिन अभी तक शासन ने पोस्टिग नहीं की है। इस बीच शासन ने मच्छरों का घनत्व पता कराने के लिए सर्वे करने का आदेश जारी किया है। अब सवाल यह उठता है कि कीट संग्रह कर्ता ही नहीं है तो फिर सर्वे कैसे होगा। वैसे इस सवाल का जवाब जिला मलेरिया अधिकारी भी नहीं दे पाए उन्होंने कहा कि शासन लखनऊ से कीट संग्रहकर्ता भेजेंगे।
.........
सहायक मलेरिया अधिकारी के पद भी रिक्त
- जिले में काफी अर्से से दो सहायक मलेरिया अधिकारी के पद रिक्त चल रहे हैं। यही नहीं मलेरिया विभाग के आधा दर्जन अन्य पद भी रिक्त हैं। कनिष्ठ लिपिक, कम्प्यूटर आपरेटर का पद रिक्त होने से विभागीय कार्य बाधित हैं वह अलग से। कार्यालय के बाबू दिव्यांग बोर्ड का कार्य देखने में अधिक रुचि रखते हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डा. आरसी यादव ने बताया कि मलेरिया विभाग में अधिकांश पद रिक्त चल रहे हैं। फाइलेरिया के जो कर्मचारी हैं उनके सहारे विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।