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उन्नाव में खौफनाक वारदात: संपत्ति विवाद में हत्या, भाभी के सामने बड़े भाई को तलवार से काट डाला

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:37 PM (IST)

उन्नाव के बांगरमऊ में मकान बंटवारे के विवाद में एक व्यक्ति की उसके पिता, भाइयों और बहनोई ने तलवार से ...और पढ़ें

गंजमुरादाबाद के खत्रियाना मुहल्ला में दिलशाद के ऊपर तलवार से हमला करता भाई। वीडियो ग्रेब

गंजमुरादाबाद के खत्रियाना मुहल्ला में दिलशाद के ऊपर तलवार से हमला करता भाई। वीडियो ग्रेब                  

HighLights

  1. पांच भाईयों में तीसरे नंबर का था दिवंगत, सबसे बड़े भाई की तीन साल पहले बीमारी से हो चुकी मौत

  2. हत्या में दिवंगत के पिता, दो भाई व बहनोई दिया साथ, पिता समेत दो को पुलिस ने पकड़ा

  3. जान बचाने के लिए घर से 50 मीटर दूर तक भागा फिर जमीन पर गिर गया, मौके पर टूट गईं सांसें

संवाद सहयोगी, बांगरमऊ(उन्नाव)। मकान बंटवारे की खुन्नस में छोटे भाई ने अपने पिता, दो भाई व बहनोई की मदद से भाभी की आंखों के सामने उसके पति को तलवार से काट डाला। बेदम हालत में युवक 50 मीटर भागा और गिर गया। मौके पर उसकी मौत हो गई। पति के शव से चिपटकर तड़प रही भाभी को घूरते हुए हत्यारोपित देवर समेत अन्य भाग निकले।

दिवंगत की पत्नी का आरोप है कि वारदात से एक दिन पहले ससुर, देवर व जेठ ने उसे बेरहमी से पीटा था। मुकदमा दर्ज करने के बाद भी पुलिस ने किसी को नहीं पकड़ा। मौके पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों के साथ उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगा हंगामा किया। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने दिवंगत के पिता, तीन भाई और बहनोई समेत पांच व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर पिता व एक दिव्यांग जेठ इरशाद को हिरासत में लिया है।

Unnao Man Murder Property Dispute (2)

गंजमुरादाबाद के खत्रियाना मुहल्ला में दिलशाद ही हत्या के बाद बच्चे को गोद में लिए बिलखती पत्नी सूफिया। जागरण


गंजमुरादाबाद कस्बा के खत्रियाना निवासी 35 वर्षीय दिलशाद उर्फ पप्पू पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। वह लोडर चलाकर परिवार का गुजारा चलाता था। सबसे बड़े भाई बबलू की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। पिता मुर्तजा के नाम 1250 वर्ग फीट का मकान है। जिसकी चौड़ाई 25 फीट और लंबाई 50 फीट है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिले 2.50 लाख रुपये से मकान का निर्माण हुआ था।

Unnao Man Murder Property Dispute (1)

दिवंगत दिलशाद (फाइल फोटो)। स्वजन

उसके सभी बेटे 25 फीट चौड़े मकान में आगे की ओर चौड़ाई में 15 फीट की जगह मांग रहे थे। मकान के बंटवारे को लेकर दिलशाद का लगभग ढाई वर्षों से पिता व अन्य भाइयों से विवाद चल रहा था। बुधवार सुबह लगभग 10 बजे पिता मुर्तजा के अलावा बड़े भाई शहजाद, इरशाद, छोटे भाई एजाज व बहनोई से उसकी कहासुनी होने लगी।

बात इतनी अधिक बढ़ गई कि सभी ने मिलकर दिलशाद को पीटना शुरू कर दिया। शोर सुन कुछ ही दूरी पर मायके पक्ष के रिश्तेदार के घर मौजूद दिलशाद की पत्नी सूफिया भी मौके पर पहुंच गई। वह पति को छोड़ने की सभी से गुहार लगाने लगी। इसी बीच सभी ने दिलशाद को मजबूती से पकड़ लिया और छोटे भाई एजाज ने तलवार से शरीर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। पेट, हाथ, सीने और कंधे पद गहरे जख्म होने से दिलशाद लहूलुहान हो गया।

मौके पर उसकी मौत हो गई। कोतवाल अखिलेश चंद्र पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दिलशाद को जीवित समझ सीएचसी बांगरमऊ पहुंचाया। यहां दिलशाद को मृत घोषित कर दिया गया। दिलशाद की मौत की जानकारी पर उसके साले व अन्य ससुरालजन सीएचसी पहुंच गए और पुलिस पर शिथिलता बरतने का आरोप लगा हंगामा किया।

पुलिस ने समझाकर शांत किया। कोतवाल अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि दिवंगत दिलशाद की पत्नी सूफिया की तहरीर पर उसके ससुर मुर्तजा, जेठ शहजाद, इरशाद, देवर एजाज व बहनोई दिलशाद पर हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर ससुर मुर्तजा व जेठ इरशाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पिता मुर्तजा और एक भाई इरशाद को हिरासत में लिया गया है अन्य हमलावरों की तलाश की जा रही है।

बाल पकड़कर जमीन पर गिराया

सीएचसी बांगरमऊ में हंगामा कर रही दिवंगत दिलशाद की पत्नी सूफिया ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि वारदात से एक दिन पहले मंगलवार सुबह लगभग सात बजे वह घर पर वाशिंग मशीन में कपड़े धो रही थी। इसी दौरान उसके ससुर मुर्तजा वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए वाशिंग मशीन हटाने को कहा। जब उसने कपड़े धुलने के बाद मशीन हटाने की बात कही तो ससुर मुर्तजा, जेठ शहजाद, इरशाद व देवर एजाज ने बाल पकड़कर उसे जमीन पर गिरा दिया और लात-घूसों व डंडों से पीटा, जिससे उसे चोटें आईं।

ईंट से हमले किया तो भागकर बचाई जान

आरोपितों ने अभद्रता करते हुए ईंट से हमले का प्रयास किया। किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। जिस समय उसके साथ मारपीट की गई, पति दिलशाद लोडर चलाने गया था। उसकी तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया पर गिरफ्तारी तो दूर किसी से पूछताछ तक करना उचित नहीं समझा। बताया कि मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस ने उससे आधार कार्ड लाने को कहा। जब वह आधार कार्ड घर लेने पहुंची तो ससुराल पक्ष के लोगों ने घेर लिया। उसने 100 नंबर पर सूचना दी। पीआरवी के पहुंचने के बाद भी सभी मारपीट करने के लिए दौड़ते रहे। किसी तरह वहां से बचकर कोतवाली पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमा दर्ज होने से ससुरालजन और बौखला गए। पुलिस की नरमी देख पति की हत्या कर दी।

मंगलवार को हुई घटना के बाद पति समेत रिश्तेदार के घर गुजारी रात

पति दिलशाद की मौत पर बिलख रही पत्नी सूफिया ने बताया कि मंगलवार को उसके साथ हुई मारपीट की घटना के बाद दहशत में वह घर नहीं गई। अपने पति दिलशाद व डेढ़ वर्षीय बेटे बादल उर्फ शाद के साथ घर से एक किमी दूर रिश्तेदार के घर रात गुजारी। बुधवार सुबह पति जैसे ही लोडर की चाभी लेने घर पहुंचे तो ससुराल के लोगों ने उस पर हमला कर दिया।

घर बनवाने में पति ने खर्च किए थे ढाई लाख फिर भी बेदखल कर दिया

दिवंगत दिलशाद की पत्नी सूफिया ने बताया कि घर बनवाने में पति ने अपने पास से लगभग ढाई लाख रुपये लगाए थे। इसके बाद भी उनके पिता उसे पीछे की ओर हिस्सा दे रहे थे। पांच माह पहले सभी रिश्तेदारों और अन्य लोगों के बीच हुई पंचायत में ससुर ने मकान में हिस्सा देने की जगह तीन माह के अंदर पति को छह लाख रुपये देने और उनसे दूसरी जगह मकान बनाकर रहने की बात कही। इसी बीच पति ने बांगरमऊ नगर में बिल्हौर बाईपास के पास अपने रुपयों से एक प्लाट खरीदा था। पति के प्लाट खरीदने के बाद ससुर की नीयत बदल गई और छह लाख रुपये देने से मना कर पति को संपत्ति से बेदखल कर दिया। इसको लेकर भी पति का अपने भाइयों व पिता से विवाद होने लगा।

बेटे के साथ मायके चली गई पत्नी सूफिया

पति दिलशाद का शव पोस्टमार्टम हाउस भेजे जाने के बाद दिवंगत की पत्नी सूफिया व डेढ़ वर्षीय बेटे को मायके पक्ष के लोग अपने साथ लेकर कानपुर जिले के रसूलाबाद लेकर चले गए। बताया कि पोस्टमार्टम के बाद वह शव को वहीं ले जाकर दफन करेंगे।

हर सुख दुख में साथ खड़े रहने वाले बेटे को मार डाला, धिक्कारते रहे पडोसी

मुहल्ले के लोगों ने बताया कि संपत्ति से बेदखल किए जाने के बाद दिलशाद ने पिता और भाइयों से बैर नही माना। परिवार के हर सुख-दुख में साथ खड़ा रहता था। मेहनती होने के साथ वह बेहद मिलनसार था। शुरुआत से वह परिवार की मदद के लिए हर समय खड़ा रहता था। यदि कभी कोई दिक्कत आती तो सबसे पहले आगे खड़ा हो जाता। इसके बाद भी उसके अपने ही उसकी जान के दुश्मन बन गए।

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