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    पुलिस ने सुनकर कर दिया था अनसुना, दुकानदार की मौत के बाद सामने आई पड़ोसी की करतूत

    बांगरमऊ में एक व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता में 60 वर्षीय वृद्ध की हत्या कर दी गई। पीड़ित तुलसीराम पान मसाला की गुमटी चलाते थे। आरोपी सज्जन ने पहले धमकी दी थी और बाद में ईंट से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो जान बचाई जा सकती थी।

    By Jagran News Edited By: Shivam Yadav Updated: Wed, 06 Nov 2024 07:49 PM (IST)
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    तुलसीराम की हत्या के बाद घटनास्थल पर लोगों से जानकारी करते एएसपी प्रेमचंद और कोतवाल राजेश पाठक।जागरण

    संवाद सहयोगी, बांगरमऊ। पान मसाला की गुमटी चलाने वाले 60 वर्षीय वृद्ध की व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता में पड़ोसी दुकानदार ने ईंट से कूचकर हत्या कर दी। सोते समय उसने ईंट से सिर व चेहरे पर कई वार कर दिए। 

    मंगलवार शाम दोनों दुकानदारों में विवाद हुआ था। हत्यारोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। कार्रवाई की जगह मौके पर पहुंची पुलिस कोतवाली जाने की नसीहत देकर लौट गई थी। 

    इसी के बाद तड़के आरोपी ने घटना को अंजाम दे दिया। हत्यारोपी के भाई की सूचना पर पहुंची पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। आरोप है कि पुलिस विवाद के बाद हत्यारोपी को पकड़कर कोतवाली ले जाती तो घटना न होती।

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    यह है पूरा मामला

    बेहटा मुजावर क्षेत्र के ग्राम जोगीकोट निवासी 60 वर्षीय तुलसीराम बांगरमऊ में संडीला रोड पर रेलवे क्रासिंग के पास करीब 10 साल से किराए के मकान में परिवार के साथ रहता था। 

    करीब पांच साल पहले उसने मकान के सामने गुमटी रखी और उसमें पान, मसाला व कोल्ड्रिंक बेचकर परिवार का गुजारा चलाने लगा। सड़क के दूसरी ओर मकान बनाकर रहने वाला सज्जन करीब छह साल से गुमटी रखकर उसमें पान मसाला बेचता था। तुलसीराम के गुमटी रख लेने से सज्जन की दुकानदारी काफी प्रभावित हो गई। 

    इससे सज्जन अंदर ही अंदर तुलसीराम से खुन्नस मानने लगा। कई बार नशे की हालत में वह तुलसीराम से गाली-गलौज कर चुका था। मंगलवार शाम को भी नशे की हालत में सज्जन ने तुलसीराम से गाली-गलौज की। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। 

    तुलसीराम ने 112 मिलाकर शिकायत की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया और लौट गई। तुलसीराम अपने बेटे प्रशांत के साथ गुमटी के बाहर पड़ी बेंच पर सो गया। बुधवार सुबह बेटे को सर्दी लगी तो वह घर में सोने चला गया, जबकि तुलसीराम गुमटी के बाहर बेंच पर सोता रहा। तड़के करीब 4:30 बजे सज्जन अपने घर से निकला और और सामने गुमटी के बाहर सो रहे तुलसीराम के सिर व चेहरे पर ईंट से कई वार कर हत्या कर दी। 

    शोर सुनकर परिजन बचाने पहुंचे तो आरोपी सज्जन सभी को जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला। तुलसीराम को बेसुध व लहूलुहान देख बेटा प्रशांत सीएचसी लेकर पहुंचा। 

    जांच के बाद डॉक्टर ने तुलसीराम को मृत घाेषित कर दिया। हत्यारोपी के भाई अमन ने पुलिस ने घटना को जानकारी दी। इस पर पुलिस ने गांव पहुंचकर हत्यारोपी सज्जन को हिरासत में ले लिया। 

    पूछताछ में सज्जन ने व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता में हत्या की बात स्वीकार की। कहा कि तुलसीराम के दुकान खोलने से उसकी दुकान चल नहीं रही थी। इसी वजह से वह तुलसीराम से अंदर ही अंदर रंजिश मानने लगा था। इसी के चलते हत्या कर दी। 

    घटना की जानकारी एएसपी दक्षिणी प्रेमचंद्र व सीओ बांगरमऊ अरविंद चौरसिया मौके पर पहुंचे और फाेरेंसिक टीम की मदद से जांच की। सीओ अरविंद चौरसिया ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपी सज्जन को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया है।

    पुलिस की अनसुनी से 33 घंटे बाद हुई दूसरी घटना

    अजगैन क्षेत्र में रविवार को प्रेमी द्वारा बाजार में युवती को पीटने की घटना में भी पुलिस के कार्रवाई न करने से आहत युवती ने सोमवार देर शाम फंदा लगाकर जान दे दी थी। उसकी मौत के महज 33 घंटे बाद बांगरमऊ में सज्जन व तुलसीराम के बीच विवाद की सूचना पर पुलिस पहुंची पर आरोपी सज्जन पर कार्रवाई न कर कोतवाली जाने की सलाह देकर लौट गई। पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो हत्या की घटना को रोका जा सकता था। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

    परिजन बोले, पुलिस गिरफ्तार करती तो न जाती जान

    दिवंगत तुलसीराम के बेटे प्रशांत व अन्य परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम सज्जन ने तुलसीराम से झगड़ा किया और भद्दी-भद्दी गालियां देकर मारपीट पर आमादा हो गया। तुलसीराम द्वारा 112 मिलाकर पुलिस बुलाई गई। 

    पुलिस सज्जन को पकड़ने की बांगरमऊ कोतवाली में शिकायत करने की बात तुलसीराम से कहकर लौट गई। पुलिस उसे हिरासत में लेकर कोतवाली ले जाती तो तुलसीराम की जान न जाती।

    आरोपी ने दी थी जान से मारने की धमकी

    दिवंगत की पत्नी प्रेमावती ने बताया की मंगलवार शाम को विवाद के बाद आरोपी सज्जन ने उसके पति तुलसीराम को कई बार जान से मारने की धमकी दी। यह बात तुलसीराम ने पुलिस को बताई भी थी पर पुलिस ने ध्यान नहीं दिया और बिना कार्रवाई किए लौट गई। इससे सज्जन के हाैसले बढ़ गए और उसने धमकी को सच कर दिखाया।

    पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

    तुलसीराम की मौत से पत्नी प्रेमावती और बेटे प्रशांत के अलावा बेटी आरती व पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है। आरती व पूजा की शादी करने के बाद तुलसीराम पत्नी व बेटे के साथ किराए के घर में रहकर पान मसाला की गुमटी से परिवार का गुजारा चलाता था। परिजनों ने बताया कि तुलसीराम करीब 20 साल पहले सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। उसके बाद दुकान चलाने लगे थे।

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