अमित मिश्र, उन्नाव : स्थानीय निकाय चुनाव का हल्ला है, पर कम लोग ही हैं जिनको उस निकाय का इतिहास पता हो। उन्नाव शहर की नगर पालिका का इतिहास 132 साल पुराना है। पहली बार 1953 में हुए नगर पालिका के चुनाव के 64 साल के अंतराल में नगर पालिका का विस्तार छह बार हो चुका है। करीब 16 हजार मतदाताओं के साथ 11 वार्डो से शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की संख्या सवा लाख तक पहुंच गई है। वार्डो की संख्या 32 हो गई है। खास बात यह है कि नगर पालिका चेयरमैन से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में संचालित हुई।

नगर पालिका का गठन 1885 में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान हुआ। 1890 में नगर पालिका के 10 वार्ड में विभाजित हुए और कलक्टर ने सभी के 10 प्रतिनिधि नामित करते हुए प्रशासक की तैनाती कर दी। पहली बार 1953 में नगर पालिका के 11 वार्डों पर चुनाव हुआ जिसमें कासिम हुसैन जैदी अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उस वक्त करीब 16 हजार मतदाताओं को मतदान करने का मौका मिला। इसके बाद से 1975 में नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार हुआ और वार्ड की संख्या 14 हो गई। इसके बाद 1988 में वार्ड की संख्या 20 हो गई। इसके बाद 1994-95 में यह संख्या 25 हो गई। इस बार मतदाताओं की संख्या 80 हजार के करीब हो गई। इसके बाद 2006 में एक बार फिर वार्डों की संख्या बढ़कर 29 और मतदाताओं की संख्या बढ़ कर 95 हजार के पार पहुंच गई। इस 2011 की जनगणना के बाद जिले के साथ शहर की आबादी का ताजा आंकडा तैयार हुआ, इसी के बाद 2017 में शहर के वार्ड की संख्या एक बार फिर बढ़कर 32 पहुंच गई है। इस बार शहर के 32 वार्ड के फैले 1.21 लाख मतदाता अपने-अपने वार्ड सदस्यों का चुनाव करेंगे। यह पहला मौका होगा जब उन्नाव नगर पालिका में निर्वाचित सदस्यों की संख्या 32 होगी।

नगर पालिका बोर्ड के निर्वाचित अध्यक्ष

1953 में कासिम हसैन जैदी

1979 में शरद चंद्र अस्थाना

1988 में सैयद आलिम हुसैन जैदी

1995 में राम श्री दीक्षित

2000 में सैयद आलिम हुसैन जैदी

2006 में पंकज गुप्ता

2012 में रामचंद्र गुप्ता

कब-कब हुआ वार्डों का विस्तार

वर्ष वार्ड संख्या

1890 10

1953 11

1975 14

1988 20

1995 25

2006 29

2017 32

Posted By: Jagran

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