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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एंटी करप्शन टीम एक और बड़ी कार्रवाई, कोतवाल के ड्राइवर को पांच हजार की घूस लेते किया गिरफ्तार

Published: Thu, 12 Sep 2024 10:10 AM (GMT+05:30)

सफीपुर कोतवाल के ड्राइवर मुख्य आरक्षी वीरेंद्र यादव को एंटी करप्शन टीम ने 5 हजार रुपये की घूस लेते रंगे ...और पढ़ें

सफीपुर कोतवाल के ड्राइवर वीरेंद्र यादव को गाड़ी में बैठाती भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम। इंटरनेट मीडिया
सफीपुर कोतवाल के ड्राइवर वीरेंद्र यादव को गाड़ी में बैठाती भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम। इंटरनेट मीडिया

जागरण संवाददाता, उन्नाव। लकड़ी कटान के नाम पर पांच हजार की घूस लेते सफीपुर कोतवाल के ड्राइवर मुख्य आरक्षी को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ धर दबोचा। पीड़ित के अनुसार पूर्व में वह मुख्य आरक्षी को दो हजार रुपये दे चुका था, इसके बाद दोबारा फिर से वह पांच हजार रुपये की मांग कर रहा था।

एंटी करप्शन प्रभारी की ओर से माखी थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है। गुरुवार को पुलिस आरोपित को एंटी करप्शन कार्यालय में पेश करेगी। जहां से उसे लखनऊ कोर्ट ले जाया जाएगा।

सफीपुर के मरौंदा मझवारा निवासी सोनू पुत्र हीरालाल लकड़ी कटान का काम करता है। उसके अनुसार लकड़ी कटान के नाम पर सफीपुर कोतवाल श्याम नारायण सिंह के जीप चालक कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र के जलपुरा गांव निवासी मुख्य आरक्षी वीरेंद्र यादव ने उससे दो हजार की घूस ली। जिसका उसने वीडियो भी बना लिया था। इसके बाद फिर से पांच हजार की घूस मांगी।

टीम ने रंगेहाथ किया गिरफ्तार

सिपाही की प्रताड़ना से ऊबकर उसने एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) शाखा लखनऊ में जाकर शिकायत की। टीम ने उसे पूरी योजना समझाई और मुख्य आरक्षी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए बुधवार का दिन चुना। सोनू ने बुधवार दोपहर करीब एक बजे मुख्य आरक्षी वीरेंद्र यादव को सफीपुर कोतवाली से 50 कदम दूर एक मिठाई की दुकान के पास बुलाया। इस पर वह वहां पहुंच गया और सोनू से पांच हजार रुपये लेने लगा। इसी दौरान आसपास मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।

पलक झपकते ही कार में बैठाया और माखी थाना लेकर चले गए। कई घंटे पूछताछ के बाद उसके विरुद्ध 7, 13 (1) बी, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर टीम लखनऊ चली गई। मुख्य आरक्षी को माखी पुलिस ने कस्टडी में ले लिया। एंटीकरप्शन टीम प्रभारी अरुणेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को मुख्य आरक्षी वीरेंद्र को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

रिश्तेदारों को नाश्ता कराना की बात कह निकला

जिस समय पीड़ित सोनू ने मुख्य आरक्षी वीरेंद्र यादव को फोन कर बुलाया वह कोतवाल के साथ सीओ सफीपुर के कार्यालय में था। फोन आते ही उसने कोतवाल को बताया कि उसके कुछ रिश्तेदार आए हैं, उन्हें नाश्ता कराकर आ रहा हूं। कोतवाल श्यामनारायण सिंह को झांसा देकर वह वहां से निकला और सोनू के पास पहुंच गया। वहीं पांच हजार की घूस लेते एंटी करप्शन ने उसे दबोच लिया।

दाग लगाने से बाज नहीं आ रहे, यह हो चुके गिरफ्तार

29 जनवरी 2019 को विजिलेंस टीम ने हसनगंज तहसील में छापेमारी कर कानून-गो गोकरन पाल को 500 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। माखी क्षेत्र के युवक ने गोरकन पाल पर वरासत दर्ज करवाने के नाम पर रुपये मांगे जाने की एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी।

22 दिसंबर 2021 को लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी औरास में तैनात बाबू विनोद कुमार को पांच हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था। डल्लूखेड़ा विद्यालय में सहायक अध्यापक मोहम्मद फरीदउद्दीन ने ड्यूटी ज्वाइन करवाने व चिकित्सकीय अवकाश का निस्तारण करवाने के नाम पर बाबू विनोद कुमार द्वारा पांच हजार रुपये घूस मांगने की शिकायत की थी।

7 सितंबर 2022 को सीबीआइ लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने किसान मिश्रापुर निवासी किसान पूरन लोध की शिकायत पर सोहरामऊ क्षेत्र के आशाखेड़ा गांव स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक पुष्पलता सिंह को पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था। शाखा प्रबंधक पर किसान ने क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी कराने के नाम पर घूस मांगने का आरोप लगाया था।

18 दिसंबर 2023 को एंटी करप्शन टीम ने सफीपुर में पूर्ति कार्यालय के लिपिक अमन माथुर को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। इसी विकासखंड के अंबहरा गांव की राशन वितरक श्यामा देवी के पुत्र रंजीत व कस्बे के मुहल्ला राहतगंज बाजार निवासी अदीलुर्रहमान ने एंटी करप्शन टीम को घूम मांगे जाने की शिकायत की थी।

मई 2024 में लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ लिपिक को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

जुलाई 2024 में सफीपुर तहसील में तैनात लेखपाल सदर क्षेत्र के पूरन नगर निवासी विकास वर्मा को किसान से तीन हजार रुपये की घूस लेने पर एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) की टीम ने पकड़ा था।

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