जागरण संवाददाता, उन्नाव: किशोरी को बहलाकर ले जाने वाले पड़ोसी युवक ने ड्राइवर के साथ कार में दुष्कर्म किया। कानपुर के सचेंडी में बंधक बनाकर रखने के दौरान कुछ अन्य लोगों ने भी सामूहिक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं उसे औरैया के अधेड़ के हाथों बेच दिया गया। इधर परिजन पुलिस के चक्कर लगाते रहे। सुनवाई न होने पर खुद किशोरी का पता लगा पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे औरैया से बरामद किया है।

माखी गांव की 16 वर्षीय किशोरी को 11 जून को पड़ोस का युवक कार से नौकरी दिलाने के बहाने साथ लेकर गया था। रास्ते में युवक और चालक ने कार में उससे दुष्कर्म किया। कानपुर के सचेंडी में उसे दो दिन तक बंधक बनाकर रखा। यहां दो और युवकों ने दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं पड़ोसी युवक ने 60 हजार रुपये में किशोरी को औरैया के पिरहनी गांव में रहने वाले अधेड़ को बेच दिया। किशोरी ने बताया अधेड़ ने एक कमरे में बंधक बनाकर साथियों के साथ कई दिनों तक अस्मत लूटी। किशोरी के लापता होने के दूसरे दिन परिजन थाने पहुंचे पर पुलिस ने जांच का बहाना कर चलता कर दिया। थक हारकर एसपी से गुहार लगाई। पुलिस हरकत में तो आई लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसी दौरान किशोरी का एक मोबाइल घर पर परिजनों हाथ लग गया। जिसमें उसे ले जाने वाले की मां की काल थी। पता करने पर किशोरी के औरैया में होने की जानकारी मिली। परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सकते में आई पुलिस बिना परिजनों को जानकारी दिए औरैया के पिरहनी गांव पहुंची और बंधक बनी किशोरी को बरामद कर थाने ले आई।

पहना दिए साफ कपड़े

पीड़िता के भाई ने बताया कि पुलिस चुपचाप किशोरी को औरैया से थाने ले आई और नहलाकर साफ कपड़े पहना उन्हें सूचना दी। जब वह पहुंचा तो बहन फफक पड़ी। पुलिस ने कार चालक अवधेश उर्फ नरेश निवासी बसंठी, चौबेपुर कानपुर और पड़ोसी शुभम पर बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज कर नरेश को जेल भेज दिया। भाई का आरोप है कि पुलिस ने शुभम को बचाने के लिए थाने में ही बैठाए रखा। दो दिन तक किशोरी का मेडिकल भी नहीं कराया। उच्चाधिकारियों के दबाव पर उसका मेडिकल परीक्षण कराया।

मां और बहन भी थे शामिल

भाई का कहना है कि आरोपी के साथ उसकी मां और बहन भी शामिल रहीं। किशोरी का फोन घर में मिला जिसमें आरोपी की मां की काल मिली। शक होने पर पता लगाना शुरू किया गया तो एक-एक कर कड़ियां जुड़ने लगीं। पुलिस ने आरोपी की मां और बहन को भी थाने में कुछ दिनों तक बैठाने के बाद छोड़ दिया। शनिवार को मामला तूल पकड़ने के बाद एसओ ने शुभम को गिरफ्तार किया।

अन्य लड़कियों के लापता होने की चर्चा

किशोरी के भाई ने बताया कि उसकी बहन के साथ गांव की तीन अन्य लड़कियां भी लापता हैं। उसने तीनों के बेचे जाने का अंदेशा जताया है। माखी एसओ अनिल ¨सह ने किशोरी को बेचे जाने व अन्य किशोरियों के लापता होने की बात से इन्कार किया है। उनका कहना है किशोरी को शहर से ही बरामद किया गया है।

बयान में उजागर हुई सच्चाई

मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में किशोरी ने खुद से हुई हैवानियत की दास्तां बयां की। उसने बताया शुभम के साथ जाने के बाद हर पल उसका शारीरिक शोषण किया गया। नींद की गोलियां तक उसे दी गईं। दिन में सिर्फ एक बार खाना दिया जाता था। घटना से गांव में आक्रोश है।

Posted By: Jagran