आत्म शक्ति की पहचान सभी ¨चताओं का समाधान
उन्नाव, जागरण संवाददाता: आज हम आकाश की ऊंचाई को छूना चाहते हैं, लेकिन स्वयं के बारे में नहीं जान पाए
उन्नाव, जागरण संवाददाता: आज हम आकाश की ऊंचाई को छूना चाहते हैं, लेकिन स्वयं के बारे में नहीं जान पाए कि मैं कौन हूं। जिस दिन हम स्वयं को पहचान लेंगे तो हमारे भीतर छिपी हुई शक्तियां जागृत हो जाएंगी। मनुष्य के भीतर असीम शक्तियों का भंडार छिपा हुआ है। जरूरत है उसे जागृत करने की। आत्म शक्ति की पहचान ही सभी मानसिक ¨चताओं एवं समस्याओं का समाधान व तनाव रहित जीवन जीने की कला है। उक्त विचार तनाव मुक्ति विशेषज्ञ कु. पूनम बहन ने सोमवार को प्रात: व्यक्त किए।
नार्मल स्कूल परिसर में आयोजित शिविर के तीसरे दिन पुरुषों से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि सारी ¨चताएं, रोग, शोक आदि तभी उत्पन्न होते हैं जब हम अपने शरीर को समझने लगते हैं। मालिक शरीर हो जाता है आत्मा गुलाम। आत्मा शरीर के अधीन हो गई है और अपनी सभी कर्मेंद्रियों की गुलाम हो गई हैं यही तनाव का मुख्य कारण है। हम जो मुंह से बोलते हैं उसके पहले सोच विचार करें। बोल पर नियंत्रण न होने से संबंध बिगड़ते हैं। छोटी-छोटी बातों पर क्रोधित न होना चाहिए। अन्यथा खामियाजा जीवन भर भुगतना पड़ता है। उन्होंने साधकों से व्यसन त्याग कर परम पिता परमात्मा के बताए रास्ते पर चलने के गुर सिखाए। मीठे बोल बोलने की सीख देते हुए शिविर में मन को शक्तिशाली बनाओ और समस्या भगाओ का महामंत्र दिया। बहन बीके कुसुम ने बताया मंगलवार को प्रात: 6:30 बजे से शिविर का आयोजन होगा। शिविर समापन के पूर्व भूकंप से पड़ोसी देश नेपाल में असमय हजारों की हुई मौत पर दो मिनट का मौन रख कर शोक व्यक्त किया गया।
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