Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    UP News: औरैया में कृषि भूमि पट्टा दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोपित लेखपाल निलंबित, एसडीएम सदर ने की कार्रवाई

    औरैया में लेखपाल पर भूमिहीन मजदूरों से कृषि पट्टा जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगा। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया। लेखपाल पर कई ग्रामीणों से पैसे लेने और बाद में वापस करने के आरोप हैं। मामले की आगे जांच जारी है।

    By ashok trivedi Edited By: Shivam Yadav Updated: Wed, 18 Jun 2025 01:04 PM (IST)
    Hero Image
    कृषि भूमि पट्टा दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोपित लेखपाल निलंबित

    जागरण संवाददाता, औरैया। सदर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गांव पसईपुर केशमपुर निवासी भूमिहीन मजदूर लोगों ने कृषि भूमि का पट्टा नाम के नाम पर लेखपाल पर रुपये लेने का आरोप लगाया। 

    जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र दिया, जिसकी जांच सदर तहसीलदार से कराई गई। कई के रुपये लेने के बाद वापस कर दिए। रुपये लेने के आरोप में दोषी पाए जाने पर एसडीएम सदर राकेश कुमार ने लेखपाल भूपेन्द्र को निलंबित कर दिया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    गांव पसईपुर केशमपुर के निवासी श्यामसुंदर पुत्र दुर्जन लाल ने शिकायत देते हुए बताया कि लेखपाल ने उसने कृषि पट्टा करने के लिए कई महीने पूर्व 47000 रुपये लिए थे। लेकिन न तो पट्टा हुआ और न ही रुपये वापस किए। 

    कुछ समय बाद लेखपाल ने 47000 रुपये वापस कर दिए। अभयराम पुत्र लक्ष्मण प्रसाद से 45 हजार रुपये, कमलेश कुमारी पत्नी जगत सिंह से 45 हजार रुपये लिए थे। लेकिन पट्टा नहीं हुआ। बाद में 90 हजार रुपये वापस किए। 

    चंद्रभान पुत्र सुखनंदन व माता सुधारानी से 62 हजार रुपये लिए। 20 हजार रुपये खाते में वापस किए, जबकि 42 हजार रुपये नहीं दिए। बाद में उन्होंने 62 हजार रुपये वापस किए। 

    जय प्रकाश पुत्र होली लाल से 62 हजार रुपये लिए जिसमें 25 हजार रुपये भाई धरमपाल को वापस किए। शेष धनराशि वापस नहीं की। साली श्यामवती से 47 हजार रुपये लिए थे। जो वापस नहीं किए। बाद में दोनों के 84 हजार रुपये वापस किए। 

    शिकायत मिलने पर मामले की जांच की गई। जिसके बाद जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए। तहसीलदार रनवीर सिंह ने मामले की जांच की। जांच के बाद एसडीएम राकेश कुमार ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है।

    इस दौरान वह रजिस्ट्रार कानून कार्यालय में सम्बद्ध रहेंगे। नायब तहसीलदार मामले की जांच करेंगे। डीएम डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि लेखपाल की शिकायतें मिली थी। जांच के बाद निलंबित कर दिया गया है।