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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वर पक्ष नहीं लाया नौ लखा हार तो कन्या पक्ष ने कर किया विवाह से इन्कार

Published: Sun, 25 May 2025 11:24 PM (IST)

Bride Denied to Marry मंडप में विवाह की अन्य रस्में चल रही थीं तभी वर पक्ष की ओर से लाए ...और पढ़ें

नहीं आया हार, कन्या पक्ष ने किया शादी से इंकार
नहीं आया हार, कन्या पक्ष ने किया शादी से इंकार

HighLights

  1. सोने का हार नही दिखा तो कन्या पक्ष भड़क गया
  2. रात भर पंचायत चली, लेकिन सुबह तक कोई हल नहीं निकला
  3. दुल्हन हार लेकर विवाह के अपने फैसले पर अडिग रही

संवादसूत्र, जागरण, सुलतानपुर : विवाह में किसी कारण से विध्न को आमतौर पर वरपक्ष पर गलती के मामले सामने आते हैं, लेकिन यहां के चांदा क्षेत्र के एक गांव में मामला उलटा ही देखने को मिला। यहां पर शुक्रवार रात को बरात आई थी और बरातियों का स्वागत और आवभगत हुआ।

ऐसा प्रकरण सामने आया कि उसने सभी को चौंका दिया और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय है। कसईपुर गांव की युवती की मांग भी लोगों के गले नहीं उतर रही है। वर पक्ष की ओर से सोने का हार नहीं लाने पर लड़की के विवाह के इन्कार करने पर महिलाएं भी काफी चौंक रही हैं।

विवाह टूटने की सूचना जैसे ही गांव और पास के क्षेत्रों में फैली, लोग अचंभित रह गए। गांव में यह मामला अब चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है। कोई इसे लड़की का आत्मसम्मान बता रहे हैं, तो कोई इसे दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों से जोड़कर देख रहे हैं।

जयमाल के उपरांत मंडप में विवाह की प्रक्रिया शुरू हुई, तो डाल में गहने रखे गए। उसमे सोने का हार नही दिखा तो कन्या पक्ष भड़क गया और बिना सोने के हार के विवाह से इन्कार कर दिया। इस प्रकरण पर रात भर पंचायत चली, लेकिन सुबह तक कोई हल नही निकला। विवाह की प्रक्रिया रुक गई और अंत में बरात बिना दुल्हन के  ही वापस  लौट  गई।

कसईपुर गांव के घेराऊ की बेटी की 23 मई का विवाह था। रिश्तेदारों और गांववालों की उपस्थिति में माहौल में जश्न था। जौनपुर के महराजगंज तहसील के बनकट लोदी गांव से दूल्हा बरात लेकर पहुंचा। द्वार पूजा और स्वागत कार्यक्रम पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए। माहौल में उल्लास और उत्सव का रंग घुला हुआ था।

मंडप में विवाह की अन्य रस्में चल रही थीं, तभी वर पक्ष की ओर से लाए गए गहनों को सार्वजनिक किया गया। उसी समय यह सामने आया कि गहनों के बीच सोने का हार नहीं है। इस जानकारी पर वधू पक्ष में असंतोष फैल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दुल्हन ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह बिना सोने के हार के शादी नहीं करेगी। मान-मनौव्वल किया गया, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने उसे समझाने की कोशिश की गई, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही।

दोनों पक्षों के बीच रातभर पंचायत चली, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। बात पुलिस तक पहुंची तो दोनों पक्षों को कोइरीपुर पुलिस चौकी बुलाया, जहां घंटों तक बातचीत का दौर चला। चौकी प्रभारी वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन दुल्हन ने स्पष्ट कर दिया कि वह इस शादी के लिए अब तैयार नहीं है। ऐसे में दोनों परिवार आपसी सहमति से शादी को निरस्त करने का फैसला करते हुए अपने-अपने घर लौट गए।