प्रतिबंधित कफ सीरप की तस्करी का खेल सबसे पहले सोनभद्र पुलिस ने किया था उजागर
सोनभद्र पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सीरप की तस्करी का खुलासा किया, जिसके तार यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और बांग्लादेश तक जुड़े हैं। पुलिस ने कई गिरफ्तारियां कीं और करोड़ों रुपये की कफ सीरप बरामद की। मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल फरार है, और उसके पिता पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, बांग्लादेश तक इसकी तस्करी के तार जुड़कर सामने आ रहे हैं।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। प्रतिबंधित कफ सीरप के बरादमगी की जनपद पुलिस की शुरूआत ने पूरे देश में खलबली मचा कर रख दी है। अब शुभम जायसवाल के पिता भाेला प्रसाद जायसवाल को कोलकाता से पकड़ने के बाद अब तार एक एक कर पुलिस जोड़ रही है। इस मामले में यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, बांग्लादेश तक इसकी तस्करी के तार जुड़कर सामने आ रहे हैं।
इस मामले में सोनभद्र पुलिस ने राबर्ट्सगंज कोतवाली में पहला मुकदमा 19 अक्टूबर को लिखा था। तब पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन व पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा की अगुवाई में राबर्ट्सगंज कोतवाली व एसओजी पुलिस ने चुर्क पुलिस लाइन मोड़ सर्किट हाउस के पास से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर दो कंटेनर पकड़ा था।
पुलिस ने दोनों की जांच शुरू की तो उसमें से करीब 1.20 लाख प्रतिबंधत कफ सीरप बरामद हुआ था। इसकी बाजार में कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई गई थी। पुलिस ने उस दौरान मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला के निवासी हेमंत पाल, माधवगंज निवासी ब्रजमोहन शिवहरे और मोहना ग्वालियर निवासी रामगोपाल धाकड़ को गिरफ्तार किया था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया था कि आरोपितों से पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। इसके बाद जनपद की पुलिस ने झारखंड के रांची में पहुंचकर दो अक्टूबर को छापेमारी की थी। तब पुलिस टीम ने वहां की पुलिस के सहयोग से जांच और छापेमारी में 134 पेटी में एक लाख 34 हजार शीशी कप सीरप बरामद किया था।
इसकी कीमत भी करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये आंकी गई थी। यहां की छापेमारी के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में एसआईटी गठित किया था। गाजियाबाद में सोनभद्र की पुलिस ने कई दिनों तक डेरा डाले रखा। जब यहां की पुलिस पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर गाजियाबाद गई और वहां की पुलिस से संपर्क कर छापेमारी की तो वहां चार ट्रक में 1150 पेटी कफ सीरफ बरामद हुआ।
यहां से 20 लाख रुपये नकद बरामद हुआ था और आठ आरोपित तस्कर भी गिरफ्तार हुए थे। यहीं से पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़ गया था। यहीं से कई परतें खुलनी शुरू हुई और मामला यूपी, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, हिमांचल प्रदेश और बांग्लादेश तक जा जुड़ा। यूपी की पुलिस ने लगातार वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ आदि जिलों में भी छापेमारी कर जब कफ सीरप बरामद किया।
इसमें मास्टर माइंड के रूप में वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल का नाम सामने आया था जो फरार चल रहा है। अब शनिवार को सोनभद्र पुलिस ने कप सीरप की तस्करी के आरोप में उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

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