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सोनभद्र, जेएनएन। जमीन पर कब्जे के मामले में बुधवार को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के लुभ्भा गांव में दस लोगों की हत्या के मामले में अब पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस नरसंहार में 28 लोगों को नामजद किया है, जिसमें से 24 को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामलें में 50 अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज है।

पुलिस ने गांव को कब्जे में ले लिया है। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। ग्राम प्रधान के भतीजे समेत 24 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्य आरोपी प्रधान अभी फरार है। वांछितों की धरपकड़ काफी तेज कर दी गई है। 50 अज्ञात के खिलाफ भी अभियान तेज है। गांव के लल्लू सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपित ग्राम प्रधान यज्ञदत्त और उनके भाइयों समेत सभी पर हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा कायम किया है। इन सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम बनाकर संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में इस्तेमाल दो असलहों को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। बुधवार रात को ही जिला अस्पताल में दस शव का पोस्टमार्टम कर लिया गया था। जिला अस्पताल भी छावनी के रूप में तब्दील हो गया है। यहां पर 17 घायलों का इलाज चल रहा है। इनमें पांच की हालत काफी गंभीर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल ही डीजीपी ओपी सिंह को मामले पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में दो साल पहले ग्राम प्रधान यज्ञदत्त घुर्तिया ने एक आईएएस अधिकारी से 90 बीघा जमीन खरीदी थी। यज्ञदत्त ने इस जमीन पर कब्जे के लिये बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर ट्रैक्टरों से जमीन जोतने की कोशिश की। स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। इसके बाद ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।  घायलों को रॉबर्ट्सगंज जिला अस्पताल और पीएचसी घोरावल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस ने जमीन के विवाद में ग्राम प्रधान पक्ष को पूर्व में भी पाबंद किया था और उसकी सम्पत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी मजिस्ट्रेट के यहां चल रही है। जरूरत पड़ने पर जमीन बेचने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मिर्जापुर के मण्डलायुक्त तथा वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक को घटना के कारणों की संयुक्त रूप से जांच करने के निर्देश दिये हैं। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करते हुए 24 घण्टे में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये हैं। योगी ने इस घटना में मारे गये लोगों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता का एलान किया है। उन्होंने जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिए हैं कि वह बताएं कि ग्रामवासियों को पट्टे आखिर क्यों मुहैया नहीं कराए गए थे।

Posted By: Dharmendra Pandey

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