दुद्धी (सोनभद्र) : कनहर सिंचाई परियोजना के विरोध में पांगन नदी तट पर बीते आठ दिनों से धरनारत आंदोलनकारियों के बीच मंगलवार को पीयूसीएल व आजादी बचाओ आंदोलन सरीखे संगठनों के लोग पहुंचकर आंदोलन को हवा देने में जुट गए।

पीयूसीएल के प्रदेश सचिव अंशु मालवीय ने विस्थापितों को संबोधित करने के पश्चात पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कनहर परियोजना के निर्माण कार्य पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के रोक के बावजूद प्रदेश सरकार के इशारे पर जिला प्रशासन द्वारा निर्वाध गति से कार्य कराया जा रहा है। जो सीधे तौर पर न्यायालय का अवमानना है। इसके लिए मुकदमा वादी ओडी सिंह व देवादित्य संबधित न्यायालय में अवमानना का प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। उन्होने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद महकमा व प्रशासनिक अधिकारी निर्माण कार्य नही रोकते है तो विस्थापित संघ के लोग आगामी दिनों में कार्यस्थल पर जाकर धरना देने को विवश होगे। वहीं आजादी बचाओ आंदोलन से जुड़े मनोज त्यागी ने कहा कि सरकार बड़े परियोजनाओं के स्थान पर छोटी-छोटी परियोजना के जरिए भी जल व विद्युत संसाधन की व्यवस्था बगैर किसी को उजाड़े कर सकती है।

इस मॉडल को लागू करने के बजाय सरकार डूब क्षेत्र के करीब 7500 सौ परिवार, हजारों कच्चे पक्के मकान के साथ लाखों की संख्या पेड़ पौधों व स्कूल डूबोने में जुटी हुई है। पांगन तट पर घंटों चले सभा के दौरान मंचासीन विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के वक्ताओं ने आंदोलनकारियों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर संघर्ष करने की बात कही। इस मौके पर जगदिश्वर जायसवाल, कामरेड हीरालाल, करछना के डा. राज बहादुर पटेल, मेजा के राजीव चंदेल आदि लोग उपस्थित थे।