सीतापुर में झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर मरीज, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लगे हैं ताले
सीतापुर के गांवों में खांसी जुखाम और मलेरिया फैल रहा है। सरकार ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनवाए हैं लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से ये मंदिर बंद पड़े हैं। मरीजों को इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है। कुतुबनगर और रहिमाबाद के ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल खुलने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है। अधिकारी जाँच का आश्वासन दे रहे हैं।

जागरण संवाददाता, सीतापुर। गांवों में इन दिनों खांसी, जुखाम, बुखार व मलेरिया तेजी से फैल रहा है। शासन की ओर से गांव में लोगों को उपचार मिल सके, इसको लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना कराई है। इसमें चिकित्सक के साथ अन्य स्टाफ को तैनात भी किया गया है।
विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह सफल नहीं हो पा रहा है। मिश्रिख क्षेत्र के कुतुबनगर व रहिमाबाद में आयुष्मान मंदिर खुले हैं। गांव के लोगों के मुताबिक काफी समय से इनका ताला नहीं खुला है। आए दिन मरीज इलाज के लिए आरोग्य मंदिर जाते हैं।
ताला लगा देख उन्हें झोलाछाप से दवा लेनी पड़ रही है। कुतुबनगर गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना है। गांव में अस्पताल बनने से ग्रामीणों में काफी प्रसन्नता था। गांव के सुरेश यादव ने बताया आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुलने के बाद कभी-कभार ही खुलता है।
अक्सर इसमें ताला लगा रहता है, इससे काफी परेशानी हो रही है। इसी तरह रहिमाबाद के विकास ने बताया कि गांव में अस्पताल बना है, पर किसी को लाभ नहीं मिल रहा है। यहां पर न तो चिकित्सक आते हैं और न ही अन्य स्टाफ। जिसके चलते किसी को दवा नहीं मिल पा रही है।
रहिमाबाद व कुतुबनगर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना हुआ है। रहिमाबाद में तैनात एसएचओ बीते दो माह से नहीं आ रही है, इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भी है। कुतुबनगर में ताला किन कारणों के चलते पड़ा है, इसकी जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
-प्रखर श्रीवास्तव, सीएचसी अधीक्षक-मिश्रिख
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