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    यूपी में राशनकार्ड धारकों के लिए नया नियम जारी, अब प्रत्येक यूनिट को लगाना होगा अंगूठा

    Updated: Wed, 24 Jan 2024 03:41 PM (IST)

    Ration Card आपूर्ति विभाग ने राशन कार्डों के यूनिटों के सत्यापन का नया तरीका निकाला है। विभाग ने यूनिटों की ई-केवाईसी कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत कार्ड के प्रत्येक यूनिट को एक बार ई-पास मशीन में अंगूठा लगाना पड़ेगा। इसका समय विभाग की ओर से निर्धारित किया जाएगा। राशन कार्ड धारकों का कोई भी एक यूनिट ई-पाश मशीन में अंगूठा लगाकर राशन प्राप्त कर सकता है।

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    राशन कार्ड के हर यूनिट की होगी ई-केवाईसी

    संवाद सूत्र, सीतापुर। (Ration Card) आपूर्ति विभाग ने राशन कार्डों के यूनिटों के सत्यापन का नया तरीका निकाला है। विभाग ने यूनिटों की ई-केवाईसी कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत कार्ड के प्रत्येक यूनिट को एक बार ई-पास मशीन में अंगूठा लगाना पड़ेगा। इसका समय विभाग की ओर से निर्धारित किया जाएगा।

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    राशन कार्ड धारकों का कोई भी एक यूनिट ई-पाश मशीन में अंगूठा लगाकर राशन प्राप्त कर सकता है। पिछले कई वर्षों से यह व्यवस्था चल रही है। ऐसे में जिस व्यक्ति का निधन भी हो गया है, उसका भी खाद्यान्न उठ रहा है। जबकि इसकी सूचना दी जानी चाहिए, जिससे कार्ड से ऐसे यूनिट को हटाया जा सके।

    आपूर्ति विभाग ने लिया ई-केवाईसी कराने का निर्णय

    आपूर्ति विभाग ने इस तरह के यूनिट को राशन कार्ड से हटाने के लिए ई-केवाईसी कराने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था फरवरी माह से शुरू हो जाएगी। इसमें सभी यूनिटों को क्रम वार अलग-अलग महीनों में ई-पाश मशीन में अंगूठा लगाने का मौका दिया जाएगा। इस व्यवस्था से ऐसे यूनिट का पता चल जाएगा, जिनका निधन हो चुका है। इसे लेकर आपूर्ति विभाग प्लानिंग कर रहा है।

    विभाग यूनिटों की सुविधा के मुताबिक समय निर्धारित करना चाहता है, जिससे गैर जनपद व गैर राज्यों में काम करने गए लोगों को भी असुविधा न हो।

    बढ़ती जा रहे नए कार्ड बनवाने के आवेदन

    पात्र गृहस्थी और अंत्योदय योजना वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक संचालित हो रही है। उस समय जिले की आबादी 44 लाख के करीब थी। अब आबादी बढ़कर लगभग 53 लाख हो गई। परिवारों की भी संख्या बढ़ गई है। उधर, सत्यापन न होने के चलते रिक्त स्थान कम ही बन पाया है। फिलहाल जिले का लक्ष्य पूरा चल रहा है। नए कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।

    यूनिटों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी व्यवस्था को अमल में लाया जा रहा है। इससे मृतक यूनिटों की पहचान हो जाएगी। उनके स्थान पर नए यूनिट जोड़े जाएंगे।

    अखिलेश श्रीवास्तव, जिला पूर्ति अधिकारी

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