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    'सच बोलना अपराध...', सीतापुर में दैनिक जागरण के पत्रकार की हत्या पर सपा-कांग्रेस ने उठाए सवाल; दिनदहाड़े मारी गई गोली

    Updated: Sun, 09 Mar 2025 07:57 AM (IST)

    सीतापुर में दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। राघवेंद्र ने हाल ही में धान खरीद में गड़बड़ी और जमीन खरीद मामले में स्टांप चोरी का खुलासा किया था। सपा और कांग्रेस ने सरकार से हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

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    दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की फाइल फोटो

    संवाद सूत्र, सीतापुर। दैनिक जागरण के महोली तहसील के संवादसूत्र राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या ने लोगों को स्तब्ध करके रख दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार गोलियां लगने की पुष्टि होने के बाद चर्चाएं जोर पकड़ने लगीं। हत्यारे राघवेंद्र को किसी सूरत में छोड़ना नहीं चाहते थे। इसको लेकर उनपर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई।

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    राघवेंद्र ने पिछले दिनों धान खरीद में गड़बड़ी को लेकर अभियान चलाते हुए गड़बड़ी उजागर की थी। जिसमें काफी लोगों की संलिप्तता सामने आई थी। जिसकी जांच चल रही थी। वहीं जमीन खरीद मामले में भी स्टांप चोरी को भी उजागर किया था। इसमें भी तहसील प्रशासन ने जांच कराई थी। जिसमें स्टांप चोरी की पुष्टि होने पर कार्रवाई प्रचलित थी।

    राघवेंद्र ने धान खरीद व स्टांप चोरी प्रकरण में जांच शुरू होने, जांच की धीमी प्रगति व कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए थे। इसको लेकर वह निशाने पर थे। राघव ने कुछ साथियों से इन प्रकरणों को लेकर तनातनी की बात कही थी।

    धान खरीद गड़बड़ी की चल रही जांच

    धान खरीद में गड़बड़ी में उजागर किया था कि लेखपालों ने दूसरे सर्किल में धान की फसल का सत्यापन कर दिया। जिनके नाम जमीन नहीं थी, उनके नाम धान सत्यापन दर्शाया गया। जिस खेत में गन्ने का सर्वे था, उसमें धान दिखाया गया। लाखों रुपये का धान बिक्री कर भुगतान कर दिया गया। प्रकरण में एसडीएम ने कई लेखपालों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। जांच तहसीलदार को सौंपी गई थी। इसकी जांच अभी तक चल रही थी।

    सरल स्वभाव के थे राघवेंद्र

    महोली कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्र ने बताया राघवेंद्र वाजपेयी सरल स्वभाव के थे। वह रिजर्व रहते थे। किसी घटना पर वह अक्सर फोन पर जानकारी ले लेते थे। शनिवार को वह कोतवाली में समाधान दिवस में आए थे, फोटो खींची फिर चले गए। हादसा होने की सूचना मिली तो हम अस्पताल पहुंचे।

    पेशेवर अपराधियों जैसी शैली

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राघवेंद्र को चार गोली लगने की पुष्टि हुई है। इसमें 315 बोर व 311 बोर का इस्तेमाल किया गया है। घटना को सुनियोजित तरीके से कारित किया गया। बदमाशों ने चार गोलियां इसलिए मारी कि वह जिंदा न बचें। जिस तरह से गोलियां मारी गई, पेशेवर अपराधियों की शैली की तरफ इंगित करता है।

    वृद्ध पिता और मासूमों का सहारा छिना

    राघवेंद्र बाजपेयी की दिनदहाड़े हत्या से सभी स्तब्ध हैं। उनके माता-पिता, पत्नी व बच्चों की हालत देख परिचित भी आंसू नहीं रोक पा रहे थे। राघवेंद्र के बड़े भाई वीरेंद्र बाजपेयी की पंद्रह वर्ष पहले ही मौत हो गई थी, जिसके बाद से सदमे से पिता महेंद्र बाजपेयी बीमार रहते थे। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। राघवेंद्र पिता का इलाज लखनऊ में करवा रहे थे। राघवेंद्र की पत्नी व दो बच्चे हैं। बेटा दस वर्षीय आराध्य व बेटी आठ वर्षीय अस्मिता है। मां किरन व पिता महेंद्र वाजपेयी के साथ राघवेंद्र महोली के विकास नगर में रहते थे।

    सपा ने उठाए सवाल

    समाजवादी पार्टी ने एक्स पर लिखा है, क्या यही है ‘डबल इंजन’ सरकार की कानून व्यवस्था। पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी को गोलियों से भून दिया गया और सरकार खामोश है। अगर पत्रकार सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या होगा। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो।

    सच बोलना अपराध: कांग्रेस

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की हत्या पर शोक जताया। कहा है कि धान खरीद में गड़बड़ी का सच लिखने पर हत्या की गई। उन्होंने सरकार से हत्यारों की गिरफ्तारी, एक करोड़ मुआवजा व पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग की।

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