सीतापुर : हदीरा गांव में मंगलवार देर शाम बुखार से एक और मौत हो गई। दरअसल, 60 वर्षीय राजेंद्र कई दिन से बुखार से पीडित थे, जिनका इलाज गुरसंडा स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल संचालक ने उन्हें छुट्टी दे दी थी। लेकिन, रास्ते में ही राजेंद्र ने दम तोड़ दिया। राजेंद्र के परिवार में भतीजा ओटन, पोती सोनाली, सरला व संगीता बुखार की चपेट में हैं। गांव के कई अन्य लोग भी बुखार से पीड़ित हैं।

सीएचसी अधीक्षक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से बुखार प्रभावित गांवों में पहुंच रही हैं। ग्रामीणों की जांच की जा रही है और दवा भी वितरित की जा रही है। ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं। बुजुर्ग राजेंद्र ने स्वास्थ्य टीम से दवा न लेकर निजी अस्पताल में उपचार कराया।

बुधवार को हुई 20 लोगों की जांच :

सीएचसी अधीक्षक डा. संजय श्रीवास्तव की अगुवाई में डा. रजनीश चंद्र, डा. अनुराग सहित लैब टेक्नीशियन सुभाष, अरुण कुमार शुक्ला ने मरीजों के खून की जांच की। 20 लोगों की जांच के साथ ही ग्रामीणों को दवा भी दी गई थी। वहीं, मंगलवार को बुखार पीड़ित 21 ग्रामीणों की जांच की गई थी।

आंबी और गड़ासा गांव में भी बुखार का प्रकोप :

बुखार प्रभावित 34 गांवों में स्वास्थ्य कर्मियों ने दवा वितरित की। टीम ने बुखार पीड़ित 18 लोगों की जांच की। वहीं, बुधवार को आंबी और गड़ासा गांव में बुखार फैलने की सूचना मिली। शिव प्रसाद, आकाश, रजनीश, मुन्ना, सुरेंद्र आदि 40 ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि आंबी व गड़ासा में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है।

जिले की टीम ने भी की हदीरा में जांच :

बुखार से हो रही मौतों की जांच के लिए जिले की टीम भी बुधवार को हदीरा गांव पहुंची। डा. अनुपम, प्रेमचंद्र व मनोज वर्मा ने ग्रामीणों का हाल जाना। मौत की वजह जानी और विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।

दवा का छिड़काव कराएं और रोगों से बचाव के उपाय बताएं :

डीएम विशाल भारद्वाज ने सीएमओ, डीपीआरओ और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को पत्र जारी कर साफ-सफाई कराने व दवा छिड़काव का निर्देश दिया है। आमजन को बीमारियों से बचाव के उपाय बताने के लिए भी कहा है।

डीएम ने कहा कि मलेरिया व बुखार के मामले बढ़े हैं। मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए गांवों में वृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाए। नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव हो। सभी ईओ अपने-अपने निकाय क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। तालाब, खाली प्लाट या अन्य वह स्थान जहां पानी भरा हो, वहां मच्छरों की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। जिले के सभी अस्पतालों में रैपिड डायग्नोस्टिक के इंतजाम करने का निर्देश सीएमओ को दिया। जिला मलेरिया अधिकारी को एंटी लार्वा छिड़काव का निर्देश दिया।

Edited By: Jagran