विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक के बजाय मरीजों को दी जा रहीं महंगी दवाएं, बढ़ रहा आर्थिक बोझ

Published: Fri, 19 Sep 2025 07:15 PM (IST)

सीतापुर जिला अस्पताल के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक दवाओं की जगह महंगी दवाएं बेचने का आरोप है। मरीजों ...और पढ़ें

जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक के बजाय मरीजों को दी जा रहीं महंगी दवाएं।
जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक के बजाय मरीजों को दी जा रहीं महंगी दवाएं।

HighLights

  1. जन औषधि केंद्र पर महंगी दवाएं बेचने का आरोप |
  2. मरीजों ने जेनेरिक दवा न मिलने की शिकायत की |
  3. जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन |

संवाद सूत्र, सीतापुर। जिला अस्पताल के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर बाहर की दवाएं बेचे जाने के आरोप लग रहे हैं। यहां पर औषधि केंद्र के संचालक जेनेरिक के बजाय अन्य कंपनियों की महंगी दवाएं बेच रहे हैं। मरीज व तीमारदार के विरोध करने पर ही जेनेरिक दवा उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कई मामलों में मरीजों के पर्चे से भी जेनेरिक दवाओं की जानकारी हटाकर बाहरी दवाओं का पर्चा दिया जाता है।

शासन की ओर से जिला अस्पताल से लेकर जिले के सीएचसी पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। औषधि केंद्र खोलने का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है।

इन केंद्रों को सिर्फ सरकार से निर्धारित जेनेरिक दवाएं ही बेचनी होती हैं। बाहरी दवाओं की बिक्री नियमों का उल्लंघन है। इसके बाद भी धड़ल्ले से जिला अस्पताल में मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं बेचीं जा रही हैं।

चिकित्सक से परामर्श के बाद बुखार की दवा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर लेने गए थे, लेकिन नहीं दी गई। बाहर की दवा प्रिंट रेट पर मिली है। -सुमन देवी, मरीज।

जिला अस्पताल के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर बुखार व पेट दर्द की दवा 325 रुपये की मिली है, जबकि यहां पर दवा सस्ती मिलनी चाहिए। -माया देवी, मरीज।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक दवाएं ही मरीजों को मिलनी चाहिए। इसके अतिरिक्त अगर बाहर की दवा दी जा रही है तो जांच की जाएगी, सही मिलने पर कार्रवाई भी करेंगे। -डॉ इन्द्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक-जिला अस्पताल।