सिद्धार्थनगर : कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को पिता के साथ तीन मासूम छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए। तीनों अपने सामने स्कूल बैग भी रखे थे। पिता ने स्कूल प्रबंधन पर मानसिक व सामाजिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। फीस जमा होने के बावजूद नाम काट कर स्कूल से बाहर निकालने की बात कही है। प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने के बाद बच्चों को शिक्षा दिलाने की मांग की है।

शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर तीन गांधीनगर निवासी शिवकुमार ने आरोप लगाया कि नगर स्थित एक स्कूल में उसके चार बच्चे पढ़ रहे थे। अगस्त में स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों को स्कूल से बाहर कर दिया। जब उनसे मिला और फीस जमा होने का सबूत प्रस्तुत किया तो वह जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए वहां से भगा दिए। बीच सत्र में स्कूल से बच्चों को निकालने के कारण वह शिक्षा से वंचित हो गए है।

डीएम दीपक मीणा ने बताया कि एडीएम सीताराम गुप्ता ने छात्र व अभिभावक से वार्ता किया। स्कूल प्रबंधन से भी बात की। अभिभावक का आरोप था कि अनुसूचित वर्ग का होने के कारण उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल में करीब 80 अनुसूचित वर्ग के छात्र अध्ययनरत हैं। फीस समय से नहीं जमा करने पर जब नोटिस भेजी गई तो कर्मचारियों के साथ अभद्रता की। प्रशासन ने बच्चों को शिक्षा दिलाने की पहल की है। प्रबंधन ने भी सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

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