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यूपी के इस जिले में 138 करोड़ की लागत से सात धार्मिक क्षेत्र की सड़कों का होगा चौड़ीकरण, जल्द शुरू होगा काम

Published: Mon, 03 Nov 2025 07:13 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के एक जिले में 138 करोड़ रुपये की लागत से सात धार्मिक क्षेत्रों की सड़कों का चौड़ीकरण किया ...और पढ़ें

धार्मिक क्षेत्र की सड़कों का होगा चौड़ीकरण।

धार्मिक क्षेत्र की सड़कों का होगा चौड़ीकरण।

HighLights

  1. 138 करोड़ की लागत से सड़कें बनेंगी

  2. सात धार्मिक क्षेत्रों की सड़कें चौड़ी होंगी

  3. जल्द शुरू होगा सड़क चौड़ीकरण का काम

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। धर्मार्थ योजना में जनपद की सात सड़कों का निर्माण होगा। 13899.03 लाख रुपये से 45.6 किमी लंबी सड़क बनेगी। शासन ने इस संबंध में प्रशासन से कार्ययोजना तैयार करके प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है।

विशेष सचिव शासन रघुवीर वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी, पीडब्ल्यूडी और पर्यटन विभाग के अधिकारियों से इससे संबंधित समीक्षा भी करेंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग में धर्मार्थ कार्य विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग के सचिव भी जुड़ेंगे।

जनपद के सात धार्मिक क्षेत्र की सात सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाएगा। शासन ने इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के लिए निर्देशित किया है। प्रशासन ने इन सड़कों की कार्ययोजना तैयार की है।

इसमें पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की तीन और इटवा व बांसी खंड की दो-दो सड़क को चयनित किया है। इनका आगणन करने के बादपरियोजना बनाई गई। पर्यटन विभाग के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग में शासन को इस धार्मिक क्षेत्र की ऐतिहासिकता और महत्ता बताएंगे।

धार्मिक महत्ता की यह सड़कें हुई चयनित

कार्य का नाम लंबाई (किमी में) लागत (लाख में)
धेंसा चौराहा से पल्टननाथ मंदिर 0.850 222.00
शोहरतनाथ मंदिर मार्ग का चौड़ीकरण 2.750 1081.00
योगमाया संपर्क मार्गका चौड़ीकरण 1.600 630.00
देवियापुर महादेव काली स्थान संपर्क मार्ग 3.000 1200.00
अमहवा-कनकटी-चेतिया मार्ग चौड़ीकरण 12.200 3600.00
डिडई-पथरा मार्ग का चौड़ीकरण 15.700 4697.98
भडरिया-बढ़नीचाफा मार्ग चौड़ीकरण 9.500 2468.05

क्या कहते हैं अधिकारी

धर्मार्थ योजना में सड़कों को चयनित करके उसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस संबंध में शासन स्तर से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर जानकारी प्राप्त होगी। वीडियो कांफ्रेसिंग में जिलाधिकारी, पीडब्ल्यूडी और पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। धार्मिक क्षेत्र की महत्ता और उसकी ऐतिहासिकता भी बगताई जाएगी। -कमल किशोर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।