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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अवैध बालू खनन से महकमा बेखबर

By JagranEdited By:
Published: Fri, 22 Dec 2017 11:23 PM (GMT+05:30)

सिद्धार्थनगर : तहसील क्षेत्र में अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। बावजूद इसके प्रशा

अवैध बालू खनन से महकमा बेखबर
अवैध बालू खनन से महकमा बेखबर

सिद्धार्थनगर : तहसील क्षेत्र में अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। बावजूद इसके प्रशासनिक अमला इससे बेखबर बना हुआ है। नदियों से जुड़े अथवा तटों पर बसे हुए गांवों की हालत खनन के कारण बदहाल होती जा रही है। स्थानीय स्तर पर किसी भी घाट का ठेका नहीं है, पर दिन रात बालू लदी गाड़ियां सड़कों पर फर्राटा भरती नजर आ रही हैं। बि¨ल्डग मैटेरियल के दुकानदारों और ठेकेदारों की मिलीभगत से यह कारोबार फल फूल रहा है।

क्षेत्र के मुड़िलिया, सोनबरसा, लमुइया, इमलिहा सहित अन्य कई स्थानों पर अवैध तरीके से बालू खनन जारी है। दिन रात बालू लदी गाड़ियां तहसील मुख्यालय से लेकर विभिन्न थानों से होकर गुजरती हैं पर इन्हें रोकने व जांच पड़ताल की जरूरत आज तक नहीं समझी गई कि बालू किस घाट से यहां लाया जा रहा है। बालू के इस अवैध करोबार को वैद्य करने में बि¨ल्डग मैटेरियल के सप्लायर भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं क्योंकि इस बालू के सबसे बड़े खरीददार वही हैं। अवैध खनन वाले इलाकों की हालत काफी खराब है। लोगों का कहना है कि यहां दिन रात नदी से बालू निकालने का कारोबार चलता है, जिससे तटबंध जर्जर हो चुके हैं। तटबंधों की जर्जरता का खामियाजा अभी पिछली बरसात में लोगों ने भुगता है। कई गांवों में बाढ़ के पानी का कहर बरपा और गांव मैरूंड हो गए। खनन की शिकायत भी कई बार सक्षम अधिकारियों से हुई पर कोई जांच पड़ताल नहीं हुई। अवैध खनन पर रोकथाम के बावत पुलिसिया कार्रवाई पर बात करें तो एक के भीतर किसी भी थाने से कोई बालू लदी गाड़ी नहीं पकड़ी गई। थानाध्यक्ष अनिल पांडेय का कहना है कि उनके कार्यकाल में कोई वाहन नहीं पकड़ा गया। पूर्व विधानसभाध्यक्ष व पूर्व विधायक माता प्रसाद पांडेय का आरोप है कि शासन के सहयोग से तहसील क्षेत्र में अवैध बालू खनन हों रहा है। उन्होंने मामले की शिकायत शासन स्तर पर की है। एसडीएम एम जुबेर बेग का कहना है कि तहसील स्तर पर बालू खनन के लिए कोई घाट स्वीकृत नहीं है। अवैध खनन मामले की जांच करवाते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।