सिद्धार्थनगर: कस्बा हल्लौर में रविवार को जश्न-ए-ईद गदीर का प्रोग्राम जोश व खरोश के साथ मनाया गया। जुलूस में नारे हैदरी-या अली का नारा गूंजा तो तकरीर प्रोग्राम में शायरों ने अपने अंदाज से मौला अली व गदीर की शान में कसीदे पढ़े वहीं मौलाना द्वारा ईद गदीर पर बृहद रूप से रोशनी डाली गई।

दोपहर करीब डेढ़ बजे जोहर की नमाज के बाद बड़े इमाम बाड़ा प्रांगण से जुलूस निकाला गया। जिसमें बच्चों एवं युवाओं का जोश देखने लायक रहा। जुलूस विभिन्न मार्गो से होते हुए मुख्य मार्ग डुमरियागंज-बस्ती पर पहुंचा जहां पूर्वाचल ग्रामीण बैंक के बगल में बृहद प्रोग्राम आयोजित हुआ। मौलाना जमाल हैदर की सदारत में हुए इस प्रोग्राम की शुरूआत नबील हैदर द्वारा तेलावते कलाम पाक से हुई। इसके बाद बाराबंकी के डीडीओ डा. फरीद हैदर ने अपने संबोधन में कहा कि ईदे ग़दीर मोमिनों की बड़ी ईद है क्योंकि गदीर के मुकाम पर रसूल-ए-खुदा को अल्लाह पाक की तरफ से हजरत अली (अलै.) की वेलायत का खुला एलान करने का हुक्म मिला। रसूल-ए-खुदा ने गदीर के मैदान पर वेलायत का एलान किया। मौलाना जमाल हैदर ने कहा कि अली के मानने वाले उनके किरदार से सबक लें इससे उनकी जिंदगी भी खूबसूरत बनेगी और आखिरत भी कामयाब होगी।

प्रोग्राम को काजी मुजैनुल हक, अजीम हैदर ने भी खिताब किया, निजामत (संचालन) महबूब अली अलीग ने किया। तस्कीन वारसी, हसन जमाल, सजाद हल्लौरी, तंजीम हैदर, अजादार हुसैन आदि ने अपनी शायरी के जरिए ईद गदीर पर रोशनी डाली। प्रोग्राम कामयाब बनाने में अकबर मेंहदी अंकल, राहिब हुसैन, शबाब हैदर, काजिम रजा, रिजवान अहमद, राजिक रजा, जहीर हैदर, जानशीन हैदर, नकीउल हसन आदि गदीर मिशन के सदस्यों की भूमिका उल्लेखनीय रही।

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