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फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे शिक्षकों की खुलेगी कुंडली, एसटीएफ करेगी नियुक्ति से योग्यता तक का सत्यापन

Published: Sun, 01 Nov 2026 05:39 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर शामली में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रहे शिक्षकों की एसटीएफ जांच करेगी। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एसटीएफ करेगी फर्जी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच।

  2. हाई कोर्ट के आदेश पर सत्यापन प्रक्रिया शुरू।

  3. शिक्षकों को एक सप्ताह में जमा करने होंगे प्रमाण पत्र।

जागरण संवाददाता, शामली। फर्जी कागजों के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले शिक्षकों पर गाज गिरने वाली है। हाई कोर्ट के आदेश पर फिर से जिले में समस्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच होगी। एसटीएफ और यूपी पुलिस भी संदिग्ध शिक्षकों के दस्तावेज की जांच कर सकती है।

बीएसए ने आदेश में कहा कि यदि एसटीएफ या पुलिस जांच के लिए कोई दस्तावेज की मांग करते हैं, तो शिक्षकों को दस्तावेज जांच के लिए देने होंगे। जिले में फर्जी कागजों पर नौकरी करने वाले सात शिक्षकों की पूर्व में भी सेवा समाप्त हो चुकी है।

यह है पूरा मामला

दरअसल, प्रयागराज हाई कोर्ट में पिछले दिनों प्रकरण की सुनवाई के दौरान परिषदीय विद्यालयों में अनियमित, नियम विरुद्ध और फर्जी नियुक्तियों का मामला सामने आया था। इस पर न्यायालय ने कक्षा एक से आठ तक के सभी शिक्षकों के नियुक्ति पत्र और शैक्षिक दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए हैं।

आदेश के अनुपालन में शिक्षा निदेशक (बेसिक) की ओर से भी सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। शुक्रवार शाम बीएसए संतोष कुमार ने भी सभी बीईओ के लिए आदेश जारी कर दिया है। शिक्षकों को हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, बीटीसी, डीएलएड, बीएलएड और टीईटी अथवा सीटीईटी समेत नियुक्ति के समय शिक्षक पद के लिए जरूरी सभी योग्यताओं के प्रमाणपत्र जमा करने होंगे।

दस्तावेज बीएसए कार्यालय से जारी सूचना मिलने के एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने होंगे। खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों के माध्यम से सभी शिक्षकों से दस्तावेज एवं शपथपत्र प्राप्त कराने होंगे।

बीएसए ने आदेश में बताया कि एसटीएफ और पुलिस भी संदिग्ध शिक्षकों के दस्तोवज की जांच करेगी, उन्हें सभी दस्तावेज दिए जाएंगे। एसटीएफ या पुलिस की ओर से कोई अभिलेख या जानकारी मांगे जाने पर शिक्षकों को तुरंत जानकारी देनी होगी।

पूर्व में भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामलों में शामली में सात शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई थी। अब दोबारा से जांच शुरू होने के बाद कई शिक्षकों के बीच हलचल शुरू हो गई है।

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