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    शामली की हवा हुई और जहरीली, 300 पहुंचा AQI- टूट गए रिकॉर्ड; डॉक्टरों ने दी लोगों को यह अहम सलाह

    जिले में शनिवार को देर रात से बढ़े प्रदूषण ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। स्माग के कारण अस्थमा हृदय रोगियों नवजात शिशुओं और बड़े बुजुर्गों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्माग का असर शुक्रवार को भी देर रात भी बरकरार रहा। स्माग के कारण दमा व हार्ट मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें महसूस हुई तो लोगों को आंखों में जलन होती रही।

    By Anuj Kumar Edited By: Mohammed Ammar Updated: Sat, 16 Nov 2024 03:01 PM (IST)
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    डॉक्टरों ने लोगों से बिना किसी जरूरत के बाहर निकलने को मना किया है।

    जागरण संवाददाता, शामली। जिले में प्रदूषण की मार लगातार बढ़ रही है। प्रदूषण अभी तक के तमाम रिकार्ड तोड़ते हुए स्माग 300 तक पहुंच चुका है। शनिवार को भी शहर व कई इलाकों में स्माग की चादर आसमान पर छायी रही। शुक्रवार को जहां एक्यूआइ 240 रहा था, वहीं प्रदूषण फिर से बढ़ा और एक्यूआइ 300 तक तक पहुंच गया। पिछले 28 दिनों से स्माग लगातार घट बढ़ रहा है।

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    देर रात तक रहा स्मॉग का कहर  

    जिले में शनिवार को देर रात से बढ़े प्रदूषण ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। स्माग के कारण अस्थमा, हृदय रोगियों, नवजात शिशुओं और बड़े बुजुर्गों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्माग का असर शुक्रवार को भी देर रात भी बरकरार रहा। स्माग के कारण दमा व हार्ट मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें महसूस हुई तो लोगों को आंखों में जलन होती रही। दीपावली के बाद से सर्दी बढ़ी है, लेकिन अभी दिन में गर्माहट है। शाम व सुबह में ठंड के कारण गर्म कपड़ें इस्तेमाल में आ रहे है। शनिवार को भी आसमान में स्माग चादर ढ़की रही।

    आंखों में हो रही चुभन

    लोगों की आंखों में चुभन के साथ ही सांस लेने में भी खिंचाव व घुटन रही। खासतौर से बीमार लोगों को काफी परेशानी देखने को मिली। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. रविंद्र तोमर ने बताया कि प्रदूषित हवा काफी नुकसानदायक रहती है। इससे बचाव बेहद जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण से त्वचा रोग, फेफड़े में इंफेक्शन, हार्ट डिजीज, बाल झड़ना, आंख और नाक में जलन, हाई ब्लड प्रेशर और ब्रेन स्ट्रोक जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    स्माग में देर तक बाहर ना निकलें

    शामली सीएचसी प्रभारी दीपक कुमार के अनुसार हृदय रोगियों, अस्थमा व वृद्धों, नवजात शिशुओं को भी आसमान में छाए स्माग के दौरान बाहर नहीं ले जाना चाहिए। तकलीफ अधिक महसूस करें तो चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्माग बढ़ने पर बहुत देर तक बाहर न रहे। आंख में जलन होने पर आप आंख पानी से अच्छी तरह धोएं। बाहर निकलने से पहले मास्क और चश्मा लगाकर जाएं। साथ ही, विटामिन सी, मैग्नीसियम, ओमेगा फैटी एसिड, अदरक, तुलसी और काली मिर्च का सेवन करें।

    एक्यूआइ बढ़ा, स्माग ने किया बेहाल

    बीते सप्ताह में एक्यूआइ कभी 150 तो कभी 250 तक ही चल रहा था, लेकिन बीते शुक्रवार की रात हवा की गुणवत्ता ओर खराब हो गई, वहीं शुक्रवार को सुबह में स्माग की चादर छाई रही। एक्यूआइ 240 तक पहुंचने से लोगों को अन्य दिनों की अपेक्षा आंखों में जलन की शिकायतें अधिक रही। अभी तक फिर 290 तक एक्यूआइ रहा, लेकिन अभी तक के रिकार्ड तोड़कर एक्यूआइ 300 पर पहुंच गया है।

    ऐसे मापा जाता है एक्यूआइ का स्तर

    0 से 50 - अच्छा

    50 से 100 - संतोषजनक

    100 से 200 - संवेदनशील

    200 से 300 - खराब

    300 से 400 - अत्यंत खराब

    400 से 500 - खतरनाक