पुलिस अलर्ट मोड पर! गांव-गांव तैनात किए गए ट्रैफिक वार्डन... ग्रामीणों को करेंगे जागरूक
शामली पुलिस ने गांवों में यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ट्रैफिक वार्डन तैनात किए हैं। ये वार्डन ग्रामीणों क ...और पढ़ें

शामली के सिटी ग्रीन में आयोजित यातायात प्रहरी ट्रैफिक वार्डन के कार्यक्रम में लोगों को कार्ड वितरण करते एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह एवं पुलिसकर्मी। सौः पुलिस
जागरण संवाददाता, शामली। सड़क हादसों की रोकथाम के लिए पुलिस ने नई पहल करते हुए शहर और देहात क्षेत्र के प्रत्येक कस्बे और गांव में ट्रैफिक वार्डन नियुक्त किए, जो पुलिस के साथ गांव में चौपाल, बैठक आदि कार्यक्रम में ग्रामीणों को नियमों के प्रति जागरूक करेंगे। इसमें ऐसे लोगों का चयन किया गया जो यातायात जागरूकता के लिए रोजाना एक घंटे का समय देंगे। एसपी ने शामली कोतवाली और कैराना कोतवाली में ट्रैफिक वार्डन को परिचय-पत्र वितरित किए। अन्य थानों में सीओ स्तर के अधिकारियों ने कार्यक्रम में परचिय-पत्र वितरित किए।
शामली शहर के दिल्ली रोड स्थित शहर के सिटी ग्रीन बरात घर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें एसपी एनपी सिंह ने कहा कि जिले में वर्ष 2025 में कुल 23 लोगों की हत्याओं में मौत हुई, जबकि 176 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुई है। ऐसे में 176 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाना सोचनीय है। उन्होंने कहा कि ट्रेफिक वार्डन बनाने का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। ट्रेफिक वार्डन स्वयं भी यातायात के नियमों का पालन करे और दूसरे को जागरूक करे।
एसपी ने कहा कि सड़क व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना, ट्रेफिक नियमों के पालन में सहयोग, भीड़ व कार्यक्रम प्रबंधन, दुर्घटना रोकथाम में सहयोग, आपात स्थिति में सहयोग, जन पुलिस समन्वय, अनुशासन व आचरण सभी की जिम्मेदारी ट्रेफिक वार्डन की है। इस दौरान एसपी ने शहर कोतवाली व थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के करीब 200 से अधिक ट्रेफिक वार्डन को नियुक्ति कार्ड वितरित किए। इसके अलावा कैराना कोतवाली में भी एसपी ने ट्रैफिक वार्डन को कार्ड वितरित किए।
बाबरी, झिंझाना, कांधला, थानाभवन में सीओ स्तर के अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। एसपी ने बताया कि जिले में 230 ग्राम पंचायत, तीन नगर पालिका और सात नगर पंचायत क्षेत्रों में कुल 6800 ट्रैफिक वार्डन नियुक्त किए है। उन्होंने बताया कि इसमें ऐसे लोगों का चयन किया गया जो लोग एक घंटा रोजाना यातायात जागरूकता के लिए समय देंगे। साथ ही उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। करीब एक महीने तक गांव-गांव उनके साथ पुलिस भी चौपाल, बैठकों में जाकर ग्रामीणों को जागरूक करेगी। एएसपी सुमित शुक्ला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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