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पुलिस भर्ती की दौड़ में बुझा घर का इकलौता चिराग, 10 दिन पहले पास की थी लिखित परीक्षा, परिवार में छाया मातम

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:15 PM (GMT+05:30)

शामली के पुरमाफी निवासी 23 वर्षीय विवेक की गाजियाबाद में पुलिस भर्ती की दौड़ के दौरान चक्कर आने से मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया।

विवेक कुमार का फाइल फोटो।

विवेक कुमार का फाइल फोटो।

HighLights

  1. शामली के विवेक की पुलिस भर्ती दौड़ में हुई दुखद मौत।

  2. गाजियाबाद में फिजिकल टेस्ट के दौरान चक्कर आने से गिरे।

  3. लिखित परीक्षा पास करने के 10 दिन बाद हुआ हादसा।

जागरण संवाददाता, शामली। पुलिस में भर्ती होकर परिवार का सहारा बनने का सपना संजोए पुरमाफी निवासी 23 वर्षीय विवेक पुत्र बालेंद्र की दौड़ के दौरान अचानक मौत हो गई। सोमवार को फिजिकल टेस्ट के लिए गाजियाबाद गए विवेक मंगलवार सुबह दौड़ में शामिल हुए थे।

दौड़ते समय चक्कर आने से वह गिरकर अचेत हो गए। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और शादीशुदा बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। विवेक परिवार का इकलौता बेटा और माता-पिता का सहारा था।

यह है पूरा मामला

स्वजन ने बताया कि विवेक पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। 10 दिन पहले ही उसने लिखित परीक्षा पास की थी। इसके बाद फिजिकल टेस्ट के लिए सोमवार को गाजियाबाद गया था। मंगलवार सुबह 47वीं वाहिनी पीएसी गोविंदपुरम में भर्ती प्रक्रिया के तहत दौड़ कराई जा रही थी। दौड़ के दौरान विवेक को चक्कर आया और वह जमीन पर गिर गया। आनन-फानन में उसे संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

पूर्व प्रधान बिजेंद्र कुमार व मृतक के चाचा देशपाल ने बताया कि विवेक पढ़ने-लिखने में होनहार था और गांव में रहकर पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। उसके पिता बालेंद्र किसान हैं।

दो भाई-बहन में विवेक छोटा था और बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। माता-पिता को बेटे से काफी उम्मीदें थीं। पुलिस की नौकरी हासिल कर वह परिवार का सहारा बनना चाहता था, लेकिन फिजिकल टेस्ट के दौरान हुई उसकी मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

मंगलवार की दोपहर विवेक का शव बिना पोस्टमार्टम कराए गांव पुरमाफी पहुंचा तो स्वजन में चीख-पुकार मच गई। मां और पिता बेटे के शव से लिपटकर बिलखते रहे। बड़ी बहन भी भाई की मौत पर बेसुध हो गई।

गमगीन माहौल में मंगलवार दोपहर ही युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार का इकलौता चिराग बुझने से माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा भी छिन गया।

सितंबर में होमगार्ड भर्ती की दौड़ में भी हुई थी दो की मौत

शामली में झिंझाना के गुज्जपुर गांव निवासी सचिन पुत्र विनोद कुमार मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में 16 सितंबर को दौड़ लगाते हुए बेहोश होकर गिर गया था। अधिकारियों ने उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था।

हालत गंभीर होने पर स्वजन ने सचिन को उसी दिन आनंद हास्पिटल में भर्ती कराया था। सचिन वेंटीलेटर पर था। उसकी दोनों किडनी फेल हो गई थी। डायलेसिस के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ।

20 सितंबर की रात सचिन ने की मौत हो गई थी। वहीं गांव लिसाढ़ निवासी अंकुज मलिक 2005 में भारतीय सेना में भर्ती हुए और 2022 में सेवानिवृत्त हुए थे। होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षण के दौरान दौड़ते समय अंकुज गिरकर बेहोश हो गए थे। अस्पताल में मृत घोषित कर दिया।

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