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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शुद्ध और निष्काम भावों से होती है ईश्वर की प्राप्ति

By JagranEdited By:
Published: Sat, 20 Jul 2019 10:50 PM (IST)Updated: Sun, 21 Jul 2019 06:19 AM (IST)

श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में इस्कॉन धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने विभिन्न प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया।

शुद्ध और निष्काम भावों से होती है ईश्वर की प्राप्ति
शुद्ध और निष्काम भावों से होती है ईश्वर की प्राप्ति

शामली, जेएनएन। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में इस्कॉन धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने विभिन्न प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की प्राप्ति हमारे भावों पर निर्भर करती है। तपस्या करने, रोजाना मंदिर के घंटे बजाने आदि से भगवान नहीं मिलते। अगर हमारे भाव शुद्ध और निष्काम हैं तो प्रभु से हमारे मिलन को कोई नहीं रोक सकता।

इस्कॉन प्रचार समिति की ओर से टंकी रोड स्थित विवाह मंडल में आयोजित कथा में उन्होंने कहा कि धन-दौलत से मनुष्य कुछ भी खरीद सकता है, लेकिन भक्ति बिकाऊ नहीं होती। ईश्वर का भक्त बनना आसान नहीं है। ऐसा तभी संभव है, जब प्रभु से जुड़ेंगे। इस दौरान भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष मीनू संगल, राधाशरण दास, बिजेंद्र गुप्ता, राधा गोपाल दास, विपिन मित्तल, भारत संगल, पंकज गुप्ता, सलेक चंद, रजनीश कुमार, संदीप कुमार, पुष्पादेवी, पवित्रा देवी, प्रमोद ऐरन आदि मौजूद रहे।