आनलाइन क्लास चल रही,पर भविष्य की चिता भी सता रही
यूक्रेन से लौटे एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई अब आनलाइन क्लास में चल रही है। इसमें अभी तक कोई समस्या उनके समक्ष नहीं आई है। लेकिन भविष्य को लेकर छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक चितित है। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार कोई हल जल्द निकाले। बता दें कि यूक्रेन से 19 छात्र-छात्राएं वापस आए हैं।

शामली, जेएनएन। यूक्रेन से लौटे एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई अब आनलाइन क्लास में चल रही है। इसमें अभी तक कोई समस्या उनके समक्ष नहीं आई है। लेकिन भविष्य को लेकर छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक चितित है। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार कोई हल जल्द निकाले। बता दें कि यूक्रेन से 19 छात्र-छात्राएं वापस आए हैं।
जवाहरगंज मंडी निवासी आदि जैन यूक्रेन के इवानो शहर में थे और एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। बताया कि भविष्य को लेकर चिता तो है ही। आगे पता नहीं क्या होगा? हालांकि आनलाइन कक्षा के माध्यम से पढ़ाई जारी है। पिता पंकज जैन का कहना है कि यूक्रेन में पढ़ाई सस्ती होने के कारण ही बेटे को वहां भेजा था। युद्ध अभी तक जारी है और यूक्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा नुकसान पहुंचा है। केंद्र सरकार को छात्रों के भविष्य के संबंध में कोई निर्णय लेना चाहिए। अगर देश में ही किसी कालेज में कम फीस पर प्रवेश मिल जाए तो बेहतर रहेगा।
शामली के मोहल्ला नानूपुरी निवासी 23 वर्षीय ताहिर खान (उम्र करीब 23 वर्ष) यूक्रेन के विनित्स्या शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। उनका तीसरा वर्ष है और तीन मार्च को वह अपने घर लौट आए थे। उन्होंने बताया कि आनलाइन कक्षा चल रही है। जिसमें कोई परेशानी नहीं है। शामली निवासी प्रभात भार्गव ने बताया कि इवानो में बेटा-बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। बेटा अंश भार्गव चौथे और बेटी मानवी भार्गव प्रथम वर्ष में है। आनलाइन कक्षा आखिर कब तक चलेंगी। हालात को देखते हुए हम बच्चों को यूक्रेन भेजेंगे नहीं और दूसरे किसी देश में पढ़ाई का खर्च काफी अधिक है। उम्मीद यही है कि केंद्र सरकार कोई रास्ता निकालेगी।
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