ट्रैक न स्टेडियम, कैसे करें युवा दौड़ का अभ्यास
राजा कर्ण की नगरी कहलाने वाले नगर कैराना में युवाओं को खेलों में पारंगत होने के लिए कोई सुविधा नहीं है। वहीं स्टेडियम व दौड़ के लिए ट्रैक की सुविधाएं न होने के कारण युवा अभ्यास के लिए पक्की सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं।
शामली, जेएनएन। राजा कर्ण की नगरी कहलाने वाले नगर कैराना में युवाओं को खेलों में पारंगत होने के लिए कोई सुविधा नहीं है। वहीं, स्टेडियम व दौड़ के लिए ट्रैक की सुविधाएं न होने के कारण युवा अभ्यास के लिए पक्की सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। व्यवस्थाओं का अभाव होने के करण युवाओं में शारीरिक व्यायाम करने में रुचि कम होती दिखाई पड़ रही है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में राजा कर्ण की नगरी कहे जाने वाला कैराना काफी सुर्खियों में रहा है। वहीं, लोकसभा व विधानसभा सीट व लगभग एक लाख की आबादी होने के कारण दशकों से नगरपालिका परिषद का गौरव हासिल है। सभी सुविधाओं से सृजित नगर में युवाओं को शारीरिक अभ्यास करने के लिए यहां मुख्य रूप से न तो दौड़ लगाने के लिये कोई ट्रैक की व्यवस्था है और न ही कोई स्टेडियम। इन सुविधाओं के अभाव में युवा पक्की सड़कों पर दौड़ लगाने को मजबूर है। जिस कारण व किसी भी कम्पीटिशन में अच्छा प्रदर्शन दिखाने में अव्वल सूची में शामिल होने से वंचित रह जाते है। वहीं, कुछ युवा सफलता हासिल करने के जोश में इन मार्गो पर चोटिल होकर अधर में ही अपने सपनों की इतिश्री कर देते हैं।
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सागर ट्रेनर का कहना है कि नगर के युवाओं को प्रतिदिन अभ्यास करने के लिए सुविधाओं से युक्त स्थान नहीं होने के कारण व अन्य स्थानों पर जाकर अपनी प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करते हैं।
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शुभम युवा का कहना है कि स्टेडियम तो बहुत दूर की बात है। हमारे यहां तो दौड़ के लिए भी ट्रैक मौजूद नहीं है जिस कारण युवाओं को बहुत संघर्ष करना पड़ता है।
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समद का कहना है कि भर्तियों की तैयारियों के लिए युवा अन्य स्थानों पर पहुंचकर अपनी तैयारियां करते हैं। नगर में व्यवस्था हो तो बाहर के युवा भी यही तैयारियां करने को मजबूर होंगे।
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अदनान का कहना है कि नगर में स्टेडियम व योग्य ट्रेनर हो तो सेना व पुलिस आदि सभी बैल्ट की नौकरियों में हर वर्ष नगर के युवाओं की बड़ी हिस्सेदारी निर्धारित होगी।
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सन्नी का कहना है कि युवाओं को विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में दौड़ लगाने को मजबूर है। जहां उचित व्यवस्था एवं स्वतंत्र होकर अभ्यास नहीं कर पाते। यही कारण है कि युवाओं में उत्साह कम हो रहा है।
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सरफराज युवा का कहना है कि व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकतर युवा सही दिशा में अभ्यास नहीं कर पाते जिसके कारण उनके सपने अधर में ही रह जाते है।
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