शामली, जेएनएन। ठंड के साथ बारिश ने भी दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। शनिवार अलसुबह से लेकर रुक-रुककर बारिश हो रही है। ठंडी हवा भी हलकान कर रही है। बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है और ऐसे में किसान परेशान हैं। तापमान अधिकतम 13.6 और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रहा।

जनवरी के पहले सप्ताह में भी कई दिन बारिश हुई थी। तीन जनवरी से लेकर अब तक धूप दो से तीन दिन ही निकली। शनिवार सुबह करीब पांच बजे से बारिश शुरू हो गई थी। कभी तेज तो कभी हल्की, लेकिन होती रही। शाम को कुछ समय के लिए रुकी और फिर से शुरू हो गई। रात में करीब 10 बजे से लेकर एक घंटे तक काफी तेज बारिश हुई। इससे शहर में कुछ स्थानों पर जलभराव भी हुआ। लेकिन रात के कारण लोगों को दिक्कतें नहीं हुई। रात भी कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। रविवार को शहर में साप्ताहिक बंदी होती है और सरकारी-गैर सरकारी कार्यालयों में अवकाश होता है। ऐसे में लोग घरों से कम ही निकले। बारिश दिनभर चलती रही, लेकिन करीब साढ़े छह बजे बारिश रुक गई थी, लेकिन आसमान बादलों से घिरा ही हुआ था। शाम को सड़कों पर बहुत कम लोग दिखाई दिए। क्योंकि ठंड काफी बढ़ गई थी।

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गेहूं, सरसों, आलू की फसल को नुकसान

बारिश से गेहूं, सरसों, आलू और अन्य सभी सब्जियों की फसलों को नुकसान है। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र शामली के वैज्ञानिक डा. विकास मलिक ने बताया कि आलू में पहले से ही झ़ुलसा रोग लगा हुआ है। बारिश से रोग का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही फसल में अधिक पानी भरने से गलन की समस्या भी आएगी। गलन की समस्या अन्य सभी सब्जियों की फसल में होगी। गेहूं की अगेती-पछेती दोनों फसल से नुकसान है। अगेती फसल की पत्तियां नीचे पीला होना शुरू होगी, जिससे बढ़वार मंद हो जाएगी। पछेती फसल का जमाव कम होगा। सरसों पर अब फूल आ गए हैं, जो बारिश में काफी झड़ रहे हैं। ऐसे में उत्पादन कम मिलेगा।

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सड़कों की हालत और खस्ता हुई

पूर्व में बारिश से सड़कों की हालत और खस्ता हो गई थी। शहर की विजय चौक से लेकर एसटी तिराहा तक की सड़क में गड्ढे और गहरे व चौड़े हो गए थे। एनएचएआई ने गड्ढों को भराया था, लेकिन अब लगातार हो रही बारिश से फिर से सड़क खस्ता हो गई है। जिले में अन्य तमाम सड़कों की भी स्थिति और खराब हो गई है।

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चीनी मिल में कम हुई गन्ने की आवक

बारिश से फसल में पानी भरा है और ऐसे में गन्ने की कटाई-छिलाई का काम बाधित हो गया है। इसलिए रविवार को चीनी मिल में गन्ने की आवक बहुत कम रही। अगर बारिश चलती रही तो नो-केन की स्थिति बन जाएगी। यानी कि पेराई के लिए गन्ना मिल में नहीं रहेगा।

Edited By: Jagran