संवाद सूत्र, कैराना (शामली): पुलिस ने गांव इस्सापुर खुरगान के जंगल में हो रही गोकशी की सूचना पर छापामार कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन गोवंशाों की खाल, मांस व वध के उपकरण बरामद किए। पुलिस ने इस दौरान एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो आरोपित भाग गए।

शनिवार सुबह कैराना कोतवाली पुलिस को गांव इस्सापुर खुरगान के जंगल में गोकशी की सूचना मिली। सूचना मिलते ही कैराना कोतवाली पर तैनात हलका दारोगा बच्चू ¨सह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छापामार कार्रवाई की। पुलिस की कार्रवाई से गोकशी कर रहे दो लोग मौके से भाग गए, जबकि पुलिस ने एक आरोपित को दबोच लिया। पुलिस ने आधा दर्जन गोवंशों की खाल, अवशेष, वध के उपकरण व भारी मात्रा में गोमांस बरामद किया। बाद में पुलिस ने गड्ढा खुदवाकर मांस व खाल जमीन में दबवा दी। पुलिस आरोपित को कोतवाली ले आई। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम इंतजार पुत्र अनवार निवासी मोहल्ला दरबारखुर्द कैराना बताया। वहीं, कैराना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने वीआइपी ड्यूटी में होने के कारण जानकारी न होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।

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पुलिस के संरक्षण में गोकशी का आरोप

यमुना खादर क्षेत्र के गांव इस्सापुर खुरगान के जंगल में शनिवार सुबह गोकशी की घटना तो प्रकाश में आ गई, जबकि गांव मंडावर, मलकपुर, मोहम्मदपुर राई, नंगला राई, बराला, मन्ना माजरा, भूरा और नगर के मोहल्ला इमामबाड़ा, कुरैशियान, नवाब तालाब आदि में रात में धड़ल्ले से गोकशी की जाती है। इतने बड़े पैमाने पर हो रही गोकशी की घटनाओं के बारे में पुलिस को जानकारी न होना गले से नीचे नहीं उतरता। गांव इस्सापुर खुरगान के एक जिम्मेवार व्यक्ति का कहना है कि पुलिस द्वारा शनिवार को पकड़ी गई गोकशी की घटना के बारे में पूर्व में भी जानकारी थी, लेकिन लालच ने गोकशों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने दी।

Posted By: Jagran