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    शतावर व तुलसी की खेतों को 4.80 लाख की बूस्टर डोज

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 31 Jan 2022 12:06 AM (IST)

    जेएनएन शाहजहांपुर कोरोना से बचाव के लिए खेतों में बूस्टर डोज तैयार होगी। आयुष रक्षा ि

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    शतावर व तुलसी की खेतों को 4.80 लाख की बूस्टर डोज

    जेएनएन, शाहजहांपुर : कोरोना से बचाव के लिए खेतों में बूस्टर डोज तैयार होगी। आयुष रक्षा विभाग ने कोरोना संक्रमण नियंत्रण के लिए सभी जिलों से औषधीय खेती के प्रस्ताव मांगे है। उद्यान विभाग ने पांच हेक्टेयर में शतावर तथा 25 हेक्टेयर में तुलसी की खेती के लिए अनुदान बजट मांगा है।

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    वर्तमान में जनपद में करीब 50 हेक्टेयर में तुलसी, 10 हेक्टेयर में शतावर तथा दो हेक्टेयर में एलोवेरा की खेती की जा रही है। इन फसलों का कोरोना समेत सभी तरह के विषाणु, जीवाणु जनित रोगों के नियंत्रण के लिए दवा बनाने में प्रयोग होता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि में भी यह औषधीय पौधे मददगार है। गन्ना आदि फसलों के सापेक्ष औषधीय खेती में शुद्ध लाभ भी अधिक है।

    अनुदान की डोज से बढ़ेगी आय

    शतावर की खेती करने पर किसानों को 27450 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान मिलेगा। जबकि कुल लागत 25 से 30 हजार प्रति हेक्टेयर आएगी। किसान दो साल के भीतर 1.80 लाख के करीब उपज ले सकेंगे। इसी तरह तुलसी की खेती पर प्रति हेक्टेयर 40 हजार लागत आएगी। किसान पांच माह में 70 हजार से 1.20 लाख की आय प्राप्त कर सकेंगे। 13180 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान में बीज दिया जाएगा।

    शतावर के लिए खुदागंज, तुलसी के खेती लिए प्रसिद्ध है कलान

    जनपद में खुदागंज में मुख्य रूप से शतावर की खेती होती है। इसी तरह कलान, जलालाबाद तुलसी की खेती के लिए प्रसिद्ध है। उद्यान विभाग ने किसानों की मदद के लिए विपणन की भी व्यवस्था की है। करीब दो दर्जन कंपनियों की सूची किसानों को मुहैया कराई गई है। कंपनियां किसानों से घर बैठे उपज खरीद कर प्रोत्साहन से औषधीय खेती का रकबा भी बढ़ा रही है।

    कोरोना काल में औषधीय फसलों की मांग बढ़ी है। आयुष विभाग ने भी औषधीय खेती पर जोर दिया है। जनपद में 30 हेक्टेयर औषधीय खेती के लिए का लक्ष्य रखा गया है। आनलाइन पंजीकरण कर किसान लाभ उठा सकते है।

    राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी