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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बनेगा तीसरा मोर्चा, मुलायम होंगे पीएम : रामआसरे कुशवाहा

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Published: Sat, 22 Jun 2013 11:46 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jun 2013 11:49 PM (IST)

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शाहजहांपुर : तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट अब आकार लेने लगी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व विज्ञान एवं प्रौद्वोगिकी विभाग सुदूर संवेदन उपयोग केंद्र के चेयरमैन डा. रामआसरे कुशवाहा की मानें तो लोकसभा चुनाव के पहले-पहले तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आ जाएगा। सपा इसकी अगुवाई करेगी और प्रधानमंत्री होंगे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुवायां सीट की तैयारियों की समीक्षा के लिए शाहजहांपुर आए श्री कुशवाहा से 'जागरण' की बातचीत के मुख्य अंश पेश है :

सवाल : देश में तीसरे मोर्चे की क्या संभावना है?

जवाब : तीसरा मोर्चा वक्त की जरूरत है। देश की जनता भाजपा व कांग्रेस से पूरी तरह निराश व नाराज है। किसी भी राज्य का उदाहरण लें, गैर भाजपा व कांग्रेस विकल्प मिलते ही जनता ने दोनों को नकार दिया। देश में सपा तीसरे नंबर वाली पार्टी की हैसियत रखती है। मुलायम सिंह यादव की नेतृत्व क्षमता और जुझारूपन के मद्देनजर निश्चित तौर वह तीसरे मोर्चे को लीड करेंगे और देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।

सवाल : भाजपा के प्रतीक्षारत प्रधानमंत्री माने जा रहे नरेंद्र मोदी का फैक्टर लोकसभा चुनाव में क्या असर डालेगा?

जवाब : नरेंद्र मोदी 'जीरो' हैं। नरेंद्र मोदी भाजपा का एक प्रतिशत वोट भी नहीं बढ़ा सकेंगे। मोदी से कई वरिष्ठ नेता तो यूपी में ही मौजूद हैं। भाजपा हर लोकसभा चुनाव से पहले नया पैंतरा अपनाती है। कभी राम मंदिर, कभी इंडिया शाइनिंग और अब नरेंद्र मोदी। भाजपा के ही लोग मोदी के पैर उखाड़ देंगे। बुजुर्ग नेता लालकृष्ण आडवाणी का शाप भाजपा को नेस्तनाबूद करने के लिए पर्याप्त है।

सवाल : प्रदेश में सपा की क्या स्थिति उभर कर सामने आ रही है?

जवाब : उत्तर प्रदेश में 60 से 65 सीटें सपा जीतने जा रही है। जब हम 224 सीटें विधानसभा में जीत सकते हैं तो इस आंकड़े को छूने की उम्मीद निर्मूल नहीं। वर्तमान परिदृश्य में मुलायम सिंह यादव के प्रधानमंत्री बनने की पूरी संभावना है।

सवाल : यूपी में लगभग एक करोड़ आबादी की हैसियत रखने वाले कुशवाहा, मौर्य, सैनी समाज के वोटरों को सपा से जोड़ने की जिम्मेदारी आप पर है। खुद को कितना सफल पाते हैं?

जवाब : पहले बसपा का वोट बैंक माने जाने कुशवाहा समाज को सपा से जोड़ने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझे सौंपी थी। मेरी सफलता का सबूत गत विधानसभा चुनाव के नतीजें हैं। 50-55 सीटों में जीत पर इसका प्रभाव स्पष्ट देखने को मिला। नेता जी ने हमेशा इस समाज को सहेजने का प्रयास किया है। 13 विधानसभा सीटों में जीत के बादअब इस समाज को तीन लोकसभा सीटों में सपा टिकट देगी। समाज के लोगों को पांच लालबत्ती से नवाजा। कुशवाहा समाज के जागरुक लोगों को बसपा की गुलामी मंजूर नहीं। लोकसभा चुनाव में सपा के लिए समाज का वोटिंग प्रतिशत और बढ़ेगा।

सवाल : सपा में अंतरकलह उभर कर सामने आ रहा है।

जवाब : अंतरकलह नहीं, बस अहम का टकराव कभी-कभार हो जाता है। सपा में सबसे ज्यादा ताकतवर लोग हैं इसलिए अहम का टकराव बड़ी बात नहीं। 'युद्ध' की स्थिति में सभी सपाई एकजुट होकर पार्टी प्रमुख के पीछे खड़े दिखाई देते हैं। लोकसभा चुनाव में भी ऐसा होगा।

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