यूपी के इस जिले में खुलेंगे चार नए थाने, एसपी ने शासन को भेजा प्रस्ताव
संतकबीर नगर में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चार नए थानों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। ये थाने पौली लोहरैया कालीजगदीशपुर और कांटे में प्रस्तावित हैं। जनसंख्या के मानकों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है जिससे पुलिसिंग व्यवस्था सुदृढ़ होगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।

राज नारायण मिश्र, संतकबीर नगर। कबीर नगरी के कानून व्यवस्था को लेकर नए सिरे से तैयारी शुरू हो गई है। जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए चार नए थानों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इनमें पौली, लोहरैया, कालीजगदीशपुर और कांटे को नया थाना बनाने की तैयारी है। इस कदम से जहां लोगों को पुलिस सहायता जल्द मिलेगी, वहीं अपराध नियंत्रण और गश्त व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
धनघटा थाना क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए इसे दो हिस्सों में बांटकर दो नए थानों – पौली और लोहरैया के गठन का प्रस्ताव भेजा गया है। वर्तमान में धनघटा थाने के अंतर्गत कुल 326 गांव आते हैं और यहां की आबादी करीब तीन लाख है। इतनी बड़ी आबादी और गांवों के कारण पुलिसिंग में दिक्कतें आती रही हैं।
लौहरैया क्षेत्र की जनसंख्या करीब 1.75 लाख और पौली की जनसंख्या लगभग 1.15 लाख है, जो थाने के निर्माण के लिए शासन द्वारा तय 75 हजार की जनसंख्या सीमा से काफी अधिक है।
इसी तरह, महुली थाना क्षेत्र से कालीजगदीशपुर को नया थाना बनाने की योजना है। महुली थाने में लगभग 200 गांव शामिल हैं और कालीजगदीशपुर चौकी क्षेत्र की जनसंख्या करीब 1.25 लाख है। प्रस्ताव में खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र की कांटे चौकी को भी थाना बनाया जाना शामिल है।
खलीलाबाद कोतवाली में चार सौ से अधिक गांव हैं और कांटे क्षेत्र की आबादी लगभग 1.65 लाख है। जनसंख्या और भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो ये सभी क्षेत्र थाना बनने की पूरी पात्रता रखते हैं।
वर्तमान में संतकबीर नगर जनपद की आबादी करीब बीस लाख है। अभी तक जनपद में थानों की संख्या मात्र आठ ही है। जिसमें खलीलाबाद कोतवाली के साथ ही मेंदावल, बखिरा, बेलहर, धर्मसिंहवा, दुधारा, महुली और धनघटा थाना शामिल है।
प्रदेश में शासन द्वारा किसी भी नए थाने के गठन के लिए न्यूनतम 75 हजार की जनसंख्या का मानक तय किया गया है। संतकबीर नगर के प्रस्तावित सभी चार क्षेत्रों की जनसंख्या इस सीमा से काफी अधिक है, जिससे प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है। अब जनपदवासियों को शासन की स्वीकृति का इंतजार है, जिससे वे जल्द ही नई थानों की सुविधाएं प्राप्त कर सकें।
जनपद में बेहतर कानून व्यवस्था के लिए चार नए थानों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जनसंख्या, गांवों की संख्या और क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो पुलिसिंग व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार होगा और जनता को समय पर सहायता मिल सकेगी। यह हमारी प्राथमिकता है कि हर नागरिक को सुरक्षा का पूरा एहसास हो।- संदीप कुमार मीना, पुलिस अधीक्षक
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